जामताड़ा। बुधवार को अनुमंडल कार्यालय जामताड़ा परिसर में संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियन की ओर से राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत धरना आयोजित किया गया। कार्यक्रम दोपहर 2:00 बजे से शुरू हुआ और इसमें बड़ी संख्या में किसान एवं श्रमिक शामिल हुए। धरने का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की सीमाओं पर 26 नवंबर 2020 से शुरू हुए ऐतिहासिक किसान आंदोलन की 5वीं वर्षगांठ पर केंद्र सरकार की अधूरी वादों और जन विरोधी नीतियों को उजागर करना था।
मुख्य वक्ता किसान सभा के महासचिव सुरजीत सिन्हा और सचिव सुजीत माजी ने कहा कि एमएसपी, कर्ज माफी और बिजली सहित सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण जैसी घोषणाएँ अभी तक लागू नहीं हुई हैं। मजदूर नेता चंडी दास पुरी, सुशांत राय, मोहन मंडल, अशोक भंडारी, लखी सोरेन, लखीराम मुर्मू ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखी आलोचना की और जनता को संगठित होकर विरोध करने की अपील की।
धरने की अध्यक्षता सचिन राणा ने की। मौके पर मोहन सोनमोनी, दुबराज भंडारी, अशोक भंडारी, परिमल टुडू, मैना सिंह, सोना मनी, रंजन किसकु सहित बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और महिलाएँ मौजूद थीं। कार्यक्रम के अंत में मांगपत्र राज्य स्तरीय उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को समर्पित किया गया।
