नाला (जामताड़ा)। झालसा, रांची के निर्देश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जामताड़ा के अध्यक्ष-सह-प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण तथा सचिव पवन कुमार के मार्गदर्शन में रविवार को नाला प्रखंड के भेड़ो गांव में विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी कानून-सहायता योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक करना था।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान प्राधिकरण की पीएलवी निशा सोरेन ने ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता, नालसा एवं झालसा की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं, बाल विवाह निषेध कानून, तथा मोटर दुर्घटना दावा वाद के तहत मिलने वाले मुआवजे से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को अदालत में निःशुल्क सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराने की स्पष्ट और सरल प्रक्रिया प्राधिकरण द्वारा सुनिश्चित की जाती है।
ग्रामीणों को नालसा की निःशुल्क हेल्पलाइन 15100 के उपयोग के बारे में भी विस्तार से बताया गया, ताकि वे किसी भी कानूनी सहायता की ज़रूरत में तुरंत संपर्क कर सकें। शिविर में आगामी 13 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। लोगों को प्रोत्साहित किया गया कि वे अपने लंबित वादों के त्वरित और सुलझे हुए निपटारे हेतु लोक अदालत में अधिकाधिक भाग लें।
शिविर में संजय मांझी, प्रसेनजीत माजी, पवन चंद्र पाल, विभीषण चंद्र पाल, तेजू माजी सहित कई स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम के माध्यम से भेड़ो गांव में कानूनी जागरूकता को नई दिशा मिली और लोगों में अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ी।
