जामताड़ा। जिले में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रामक संदेश और गलत जानकारियां वायरल होने से उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है। खासकर पोस्टपेड और प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर यह प्रचार किया जा रहा है कि मीटर लगाने से पहले उपभोक्ता की सहमति जरूरी है।इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए विद्युत कार्यपालक अभियंता जामताड़ा अभिषेक आनंद ने कहा कि जिले के सभी बिजली उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाया जाना अनिवार्य है। यह केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त योजना के तहत किया जा रहा है, जिसमें मीटर लगाने के लिए अलग से उपभोक्ता की सहमति लेने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर से बिजली खपत की सटीक गणना होगी, बिलिंग प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी और गलत बिल की शिकायतों में भी कमी आएगी।उन्होंने आगे कहा कि केवल प्रीपेड स्मार्ट मीटर प्रणाली अपनाने की स्थिति में ही उपभोक्ता की सहमति ली जाती है। यदि कोई उपभोक्ता स्वेच्छा से प्रीपेड मीटर लेना चाहता है, तभी उसकी सहमति आवश्यक होती है।विद्युत विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचें और किसी भी जानकारी के लिए विभागीय कार्यालय या आधिकारिक माध्यमों से ही पुष्टि करें।
स्मार्ट मीटर को लेकर फैली अफवाहों पर विराम, उपभोक्ताओं से अपील, सही जानकारी पर ही करें भरोसा
