मातृशक्ति के सात आयामों का संगम: नामूपाड़ा में नारी चेतना से राष्ट्र निर्माण का संदेश

जामताड़ा। सरस्वती शिशु मंदिर, नामूपाड़ा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित सप्तशक्ति संगम के अंतर्गत मातृशक्ति संगम कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में निहित सात शक्तियों के जागरण के माध्यम से परिवार, समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने की भावना को प्रबल करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं जिला संयोजिका आभा आर्या, आचार्य भादू कुमारी, आचार्य ललिता देवी तथा अध्यक्ष आशा कुमारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर की गई। छात्राओं की वंदना प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक गरिमा से भर दिया। अतिथियों का स्वागत शॉल, सोलह श्रृंगार और तुलसी पौधा भेंट कर पारंपरिक ढंग से किया गया।
मुख्य वक्ता आभा आर्या ने मातृशक्ति को राष्ट्र की आधारशिला बताते हुए पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया। उन्होंने वृक्षारोपण, प्रदूषण नियंत्रण और संयुक्त परिवार व्यवस्था के महत्व पर भी प्रकाश डाला। वहीं ललिता देवी ने सप्तशक्ति संगम के माध्यम से महिलाओं में निहित कीर्ति, वाणी, मेधा और क्षमा जैसी शक्तियों के विकास पर अपने विचार रखे। भादू कुमारी ने नारी की सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण में उसकी निर्णायक भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रश्नोत्तरी और नाट्य रूपांतरणों ने सभी को प्रभावित किया। सैकड़ों माताओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने इस मातृशक्ति संगम को प्रेरणादायी और अविस्मरणीय बना दिया।

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