जामताड़ा। अखिल भारतीय आह्वान के तहत सोमवार को स्थानीय सुभाष चौक पर संध्या चार बजे जामताड़ा जिले की विभिन्न वामपंथी पार्टियों द्वारा मनरेगा को समाप्त कर नई बीबी जी राम जी योजना लागू करने के विरोध में नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता सीपीएम के जिला सचिव सुजीत कुमार माजी ने की।
सभा को संबोधित करते हुए सीपीएम नेता चंडी दास पुरी ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण मजदूरों के लिए रोजगार की संवैधानिक गारंटी था, जिससे पलायन रुका और गरीबों को सम्मानजनक काम मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को खत्म कर मजदूरों को कॉरपोरेट के सस्ते श्रम में बदलना चाहती है। एसयूसीआई(सी) के सुशांत राय ने मोदी सरकार को कॉरपोरेट समर्थक बताते हुए कहा कि मौजूदा नीतियां जनविरोधी हैं। भाकपा माले के देबू चौधरी ने सरकार को मजदूर विरोधी करार दिया।
सीपीएम नेता लखन लाल मंडल ने चार लेबर कोड का विरोध करते हुए कहा कि इससे मजदूरों के संगठन और आंदोलन के अधिकार छीन लिए गए हैं। आदिवासी अधिकार मंच के गौर शरेण ने संथाली भाषा में आदिवासी हक-अधिकार पर बात रखी।
सभा में गौर शरेण, लखन लाल मंडल, चंडी दास पुरी, सुशांत राय, देबू चौधरी के अलावा मोहन मंडल, सचिन राणा, लोकनाथ राणा, दुबराज भंडारी, निमाई राय, अनूप सरखेल, बुद्धू मरांडी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। वक्ताओं ने एकजुट होकर केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान किया।
मनरेगा बचाओ, मजदूर अधिकार बचाओ: सुभाष चौक पर वामदलों की संयुक्त नुक्कड़ सभा
