जामताड़ा। समाहरणालय सभागार में मंगलवार को सुशासन सप्ताह–प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय प्रसार कार्यशाला का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद ने वरीय अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सुशासन केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जिम्मेदार प्रशासन की पहचान है। प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम का मूल उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आमजन की शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा उनका त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीपी ग्राम एवं राज्य स्तरीय पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का निष्पादन तय समय-सीमा के भीतर करना अनिवार्य है। जिन समस्याओं का समाधान तत्काल संभव हो, उन्हें उसी दिन निपटाया जाए, जबकि अन्य मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जनता के प्रति जवाबदेही केवल सुशासन सप्ताह तक सीमित नहीं, बल्कि प्रशासन को वर्ष के सभी 365 दिन सक्रिय और उत्तरदायी रहना होगा।
कार्यशाला में परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज ने अभियान की रूपरेखा, उद्देश्यों एवं अब तक की उपलब्धियों की जानकारी दी। शॉर्ट वीडियो के माध्यम से अधिकारियों को सजगता, पारदर्शिता और सेवा भावना के साथ कार्य करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. आनंद मोहन सोरेन, जिला परिवहन पदाधिकारी मुकेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ, श्रम अधीक्षक देव कुमार मिश्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
सुशासन की ओर जामताड़ा, गांव-गांव तक पहुंचेगा प्रशासन
