जामताड़ा। मां चंचला के 13वें त्रिदिवसीय वार्षिक महोत्सव–2026 को भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देने की दिशा में गुरुवार को सशक्त शुरुआत की गई। मां चंचला महोत्सव समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल ने चंचला मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर महोत्सव के प्रचार रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान न्यू टाउन जामताड़ा की हरिकृतन मंडली ने ढोल मंजीरा की थाप पर सुमधुर भक्ति गीत प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को श्रद्धा और आस्था से सराबोर कर दिया।वीरेंद्र मंडल ने बताया कि 16, 17 और 18 जनवरी 2026 को मां चंचला का त्रिदिवसीय महोत्सव आयोजित होगा। इन तीन दिनों में धार्मिक अनुष्ठान, भव्य दीपोत्सव और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा। महोत्सव के प्रचार के लिए चार विशेष रथ निकाले गए हैं, जो लगभग 15 दिनों तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर भक्तों को आमंत्रित करेंगे।उन्होंने बताया कि 16 जनवरी को निकाली जाने वाली विशाल कलश शोभा यात्रा इस वर्ष का मुख्य आकर्षण होगी, जिसमें करीब 40 हजार महिलाएं कलश लेकर शामिल होंगी। वहीं, जामताड़ा उपायुक्त द्वारा महोत्सव को राजकीय दर्जा दिलाने की अनुशंसा से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।कार्यक्रम में अजीत कुमार सिंह, मोहनलाल वर्मन, कैप्टन व्यास चौधरी, त्रिलोचन पांडे, मनोरंजन दे, लक्ष्मण पोद्दार, पारस दुबे, तमाल कांति मित्र, प्रेम शंकर प्रसाद, विनय मिश्रा, वीरेंद्र कुमार, कालू मंडल, विकास मंडल, जीत दुबे सहित बड़ी संख्या में भक्तगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मां चंचला त्रयोदस महोत्सव 2026: प्रचार रथों के साथ शुरू हुई ऐतिहासिक तैयारियां, मंदिर परिसर गूंजा भक्ति रस से
