चित्तरंजन। रेलवे कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों एवं उनके परिजनों को चिकित्सा सुविधा में आ रही गंभीर परेशानियों को लेकर सीआरएमसी/एनएफआईआर/इंटक का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को केजी अस्पताल के पीसीएमओ अजय कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था में उत्पन्न व्यावहारिक कठिनाइयों से अवगत कराया।प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि केजी अस्पताल से कोलकाता या पूर्वी रेलवे के अन्य अस्पतालों में उच्च चिकित्सा के लिए रेफर किए जा रहे मरीजों को पूर्व में जीपी 19 मेडिकल पास सात दिनों की वैधता, किसी भी मार्ग तथा ब्रेक जर्नी की सुविधा के साथ मिलता था। इससे मरीजों को यात्रा की योजना बनाने में सहूलियत होती थी। वर्तमान में यह पास मात्र एक दिन की वैधता के साथ बिना ब्रेक जर्नी के दिया जा रहा है, जिससे खासकर आसनसोल से ट्रेन पकड़ने में मरीजों को भारी मानसिक और शारीरिक कष्ट झेलना पड़ रहा है।सीआरएमसी ने पीएनएम बैठक में लिए गए निर्णय का हवाला देते हुए मांग की कि जीपी 19 के स्थान पर तीन दिन की वैधता वाला चेक मेडिकल पास तत्काल जारी किया जाए। इसके अलावा दोपहर 12 बजे के बाद एक्स-रे सेवा बंद रहने और एलपी दवाओं की उपलब्धता में आ रही समस्याओं को भी उठाया गया।पीसीएमओ अजय कुमार ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। सीआरएमसी ने उम्मीद जताई कि दिए गए आश्वासन शीघ्र धरातल पर उतरेंगे। मौके पर इंद्रजीत सिंह, संजीव कुमार शाही, कृष्णेंदु के अलावा कई अन्य सदस्य मौजूद थे।
रेल कर्मियों की चिकित्सा समस्याओं को लेकर सीआरएमसी प्रतिनिधिमंडल की पीसीएमओ से मुलाकात
