मिहिजाम। मिहिजाम स्थित जनजातीय संध्या डिग्री महाविद्यालय परिसर में शुक्रवार को कॉलेज के संस्थापक प्रभारी प्राचार्य रहे स्वर्गीय शिरोमणि यादव के निधन पर एक गरिमामय शोक सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने गहरे शोक के साथ उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।सभा को संबोधित करते हुए वर्तमान प्राचार्य प्रो. कृष्ण मोहन साह ने स्व. यादव के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अगस्त 1983 से दिसंबर 1986 तक स्व. शिरोमणि यादव ने महाविद्यालय को अपने अनुभव, दूरदृष्टि और समर्पण से सशक्त आधार प्रदान किया। वे न केवल एक कुशल शिक्षाविद् थे, बल्कि जामताड़ा न्यायालय के एक सम्मानित और अनुभवी अधिवक्ता के रूप में भी समाज की निस्वार्थ सेवा करते रहे। उनका सरल, सौम्य और मृदुभाषी स्वभाव सभी के लिए प्रेरणास्रोत था।शोक सभा में प्रो. शंभू सिंह, अरविन्द कुमार सिन्हा, डॉ. सोमेन सरकार, राम प्रकाश दास, पूनम कुमारी, अमिता सिंह, डॉ. कुमारी किरण बरनवाल, देवकी पंजीयारा, रंजीत कुमार यादव, शबनम खातून, बासुकी नाथ प्रसाद, सतीश कुमार शर्मा, दिनेश किस्कू, उपेन्द्र कुमार पाण्डेय, राज कुमार मिस्त्री, अभिजीत सिंह ख़रतौल एवं कुमारी रेखा शर्मा सहित शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने स्व. यादव के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
जनजातीय संध्या डिग्री महाविद्यालय में श्रद्धा और सम्मान के साथ स्व. शिरोमणि यादव को दी गई भावभीनी विदाई
