जामताड़ा। भारत की जनवादी नौजवान सभा की झारखंड राज्य कमिटी ने 2 जनवरी को वेनेजुएला की राजधानी सहित विभिन्न इलाकों पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। संगठन ने इसे साम्राज्यवादी दखलअंदाजी करार देते हुए कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर बमबारी कर उसकी संप्रभुता पर सीधा हमला किया है।डीवाईएफआई ने अपने बयान में कहा कि बीते कुछ सप्ताहों से अमेरिका वेनेजुएला को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा था। थल सेना और नौसैनिक बलों की तैनाती कर वहां सत्ता परिवर्तन की साजिश रची जा रही थी। संगठन के अनुसार यह कदम अमेरिका की तथाकथित राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति 2025 का असली चेहरा उजागर करता है, जिसकी घोषणा दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह में की गई थी। पश्चिमी गोलार्द्ध में अमेरिकी सैन्य जमावड़ा और पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लेने की मंशा, मुनरो सिद्धांत के नए और खतरनाक रूप को दर्शाती है।डीवाईएफआई ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि अमेरिकी हमला तत्काल रोका जाए और कैरेबियाई सागर से सभी अमेरिकी सेनाओं को वापस बुलाया जाए। साथ ही लातीनी अमेरिका को शांति क्षेत्र घोषित करने, संप्रभु देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप पर रोक लगाने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अमेरिकी हमले की निंदा का प्रस्ताव पारित करने की मांग की गई है।डीवाईएफआई झारखंड राज्य संयोजक मोहन मंडल ने कहा कि वेनेजुएला पर हमले को रोकने के लिए अमेरिका पर वैश्विक दबाव बनाना समय की आवश्यकता है।
वेनेजुएला पर अमेरिकी आक्रमण की डीवाईएफआई ने की तीखी निंदा, हमले रोकने की उठी बुलंद आवाज
