मिहिजाम। तालबेड़ियां गांव इन दिनों सोहराय पर्व की खुशियों से सराबोर है। गांव में आदिवासी समाज का यह पारंपरिक और प्रकृति से जुड़ा पर्व हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। रविवार को पर्व के तीसरे दिन ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर गांव के छोटे लाल किस्कू और रमेश हांसदा ने बताया कि सोहराय पर्व की शुरुआत विधिवत रूप से हो चुकी है और परंपरा के अनुसार मांझीथान में पूजा अर्चना कर देवी देवताओं का आशीर्वाद लिया जा रहा है।पूजा के उपरांत गांव के पुरुष, महिलाएं और युवा ढोल मृदंग की थाप पर झूमते नाचते नजर आए। पारंपरिक गीतों के साथ ग्रामीणों ने पूरे गांव का भ्रमण करते हुए अपने पर्व की खुशियां साझा कीं। वातावरण पूरी तरह उत्सवमय हो गया, जहां हर चेहरा उल्लास से भरा दिखा।सोहराय पर्व आदिवासी समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। यह पर्व प्रकृति, पशुधन और जीवन के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर लोग अपने घरों की साज सज्जा करते हैं और पारंपरिक रीति रिवाजों के अनुसार विशेष पूजा संपन्न करते हैं।पर्व के दौरान घर घर में स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजन बनाए गए, जिनका आनंद परिवार और अतिथियों ने मिलकर उठाया। कुल मिलाकर तालबेड़ियां गांव में सोहराय पर्व ने सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपरा और प्रकृति के प्रति सम्मान का सुंदर संदेश दिया।
प्रकृति के संग उत्सव का रंग: तालबेड़ियां गांव में उल्लास के साथ मना सोहराय पर्व
