मिहिजाम। मिहिजाम दिगम्बर जैन समाज के लिए शुक्रवार का दिन स्मरणीय और भावनाओं से ओतप्रोत रहा। अपराह्न करीब 3 बजे मिहिजाम स्थित दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में पट्टाचार्य वात्सल्यमूर्ति आचार्य तन्मय सागर जी महाराज का भव्य मंगल प्रवेश श्रद्धा, भक्ति और जयकारों के बीच संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर संपूर्ण वातावरण धर्ममय हो उठा।उल्लेखनीय है कि लगभग 20 वर्ष पूर्व आचार्य श्री मिहिजाम में भैया जी राजेन्द्र वर्णी के रूप में पधारे थे। दो दशक के लंबे अंतराल के बाद आचार्य तन्मय सागर जी महाराज के रूप में उनका पुनः आगमन जैन समाज के लिए अत्यंत सौभाग्यशाली क्षण सिद्ध हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर समाज में विशेष उत्साह और प्रसन्नता का माहौल देखा गया।आचार्य श्री की भव्य अगवानी कानगोई फाटक से की गई, जहां से भक्ति गीतों, जैन ध्वजों और पुष्पवर्षा के बीच शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए दिगम्बर जैन मंदिर पहुंची। मार्ग भर श्रद्धालु जय जिनेंद्र के उद्घोष के साथ धर्मलाभ लेते नजर आए।मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य अशोक जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगल प्रवेश कार्यक्रम पूर्णतः शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। उन्होंने सकल दिगम्बर जैन समाज तथा आयोजन में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर अनिल जैन, रिंकू जैन, नीरू जैन, अशोक जैन, प्रदीप जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज की महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित रहे। यह भव्य मंगल प्रवेश न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में एकता, भक्ति और संस्कारों को और अधिक मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ।
बीस वर्षों बाद मिहिजाम में गूंजा धर्मोत्सव का जयघोष, आचार्य तन्मय सागर जी महाराज के मंगल प्रवेश से भाव विभोर हुआ जैन समाज
