रांची/दावोस। स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में भारत के राजदूत मृदुल कुमार ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के आयोजन, स्वरूप और झारखंड की भागीदारी से जुड़ी विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी। यह मुलाकात झारखंड के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाली मानी जा रही है।उल्लेखनीय है कि राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के बाद यह पहला अवसर है, जब झारखंड का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में सहभागिता कर रहा है। इस वैश्विक मंच पर झारखंड अपनी विकास दृष्टि, निवेश संभावनाओं और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग की रणनीति को दुनिया के सामने रखेगा।दावोस में झारखंड की भागीदारी प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास की थीम पर आधारित है। यह विचारधारा वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सतत विकास, भरोसे पर आधारित वैश्विक साझेदारी और दीर्घकालिक आर्थिक परिवर्तन के उद्देश्यों के अनुरूप है। राज्य सरकार का मानना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन ही भविष्य की मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव है।मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे प्रतिष्ठित मंच पर झारखंड की उपस्थिति राज्य के लिए गर्व की बात है। इससे न केवल वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित होगा, बल्कि झारखंड की नीतियों, संसाधनों और संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिलेगी। यह पहल राज्य को वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
दावोस में झारखंड की वैश्विक दस्तक, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 को लेकर मुख्यमंत्री से मिले भारत के राजदूत
