जामताड़ा। झारखण्ड के माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं महासचिव को राज्य के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल में शामिल कर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक दावोस (स्विट्जरलैंड) ले जाना राज्य के व्यापारिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इस पहल से झारखण्ड को अंतरराष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर नई पहचान मिलने की संभावना प्रबल हुई है।संथाल परगना क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की यह पहल उनकी दूरदर्शी और विकासोन्मुख सोच को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि दावोस में आयोजित इस वैश्विक सम्मेलन में लगभग 130 देशों के प्रतिनिधि भाग लेते हैं, जहां उद्योग, निवेश और नवाचार पर व्यापक मंथन होता है। ऐसे मंच पर झारखण्ड चेम्बर के प्रतिनिधियों की मौजूदगी राज्य में विदेशी पूंजी निवेश के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करेगी।संजय अग्रवाल ने कहा कि सरकार द्वारा चेम्बर नेतृत्व को प्रतिनिधि मंडल में शामिल करना यह स्पष्ट संकेत है कि झारखण्ड में व्यापार और उद्योग को विकास का मजबूत स्तंभ माना जा रहा है। इससे न केवल निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय उद्यमियों को भी नई दिशा और प्रेरणा मिलेगी।इस अवसर पर संथाल परगना प्रमंडल के सभी जिला चेम्बर, व्यापारी वर्ग एवं उद्योगपतियों की ओर से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के प्रति आभार प्रकट किया गया तथा फेडरेशन के अध्यक्ष व महासचिव को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं। साथ ही प्रतिनिधि मंडल की सफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना की गई।
दावोस यात्रा पर झारखण्ड को वैश्विक मंच, संजय अग्रवाल ने जताया हर्ष और गर्व
