नाला (जामताड़ा)। वसंत पंचमी के पावन पर्व को लेकर नाला प्रखंड क्षेत्र में सरस्वती पूजा की तैयारियां चरम पर पहुंच गई हैं। माता सरस्वती की प्रतिमाओं का निर्माण अब अंतिम दौर में है, जहां कारीगर दिन रात जुटकर मूर्तियों को आकर्षक रूप देने में लगे हुए हैं। रंग रोगन, सजावट और बारीक नक्काशी का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है, जिससे प्रतिमाएं जीवंत नजर आने लगी हैं।स्थानीय शिल्पकार उत्तम राउत ने बताया कि इस वर्ष प्रतिमाओं को पारंपरिक स्वरूप के साथ आधुनिक कला शैली का भी समावेश कर तैयार किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी और प्राकृतिक रंगों का अधिक उपयोग किया जा रहा है, ताकि विसर्जन के दौरान प्रकृति को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस वर्ष 2000 से 3000 रुपये तक की प्रतिमाओं की मांग बढ़ी है और बिक्री संतोषजनक रही है।इधर पूजा समितियों द्वारा पंडाल निर्माण, विद्युत सज्जा और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बाजारों में भी पूजा सामग्री की खरीदारी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। चारों ओर भक्तिमय माहौल बन रहा है और श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ ज्ञान की देवी के आगमन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
वसंत पंचमी से पहले नाला में गढ़ी जा रही आस्था की प्रतिमाएं, अंतिम चरण में पहुंचा सरस्वती मूर्ति निर्माण
