मिहिजाम। मिहिजाम में पिस्टल के बल पर हुई बहुचर्चित डकैती मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण की अदालत ने कड़ा निर्णय सुनाया है। थाना कांड संख्या 54/22 से जुड़े इस मामले में अदालत ने दस आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 395 के तहत दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।यह मामला उस समय का है जब थोक राशन व्यवसायी नीतीश सुहासारिया अपने कर्मचारी काजल बाउरी और चालक कन्हाई मंडल के साथ वसूली कर लौट रहे थे। बोदमा पाइप फैक्ट्री के समीप अपराधियों ने उनकी गाड़ी रोक ली और हथियार का भय दिखाकर करीब 11 लाख रुपये नकद तथा मोबाइल फोन लूट लिए। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था।अदालत ने इम्तियाज अंसारी, रज्जाक अंसारी, गुड्डू अंसारी, सहज्जाद अंसारी, सलीम अंसारी, अनवर अंसारी, बाबू अंसारी, गुलाम मिलानी, मुस्ताक अंसारी और समीर अंसारी को दोषी करार दिया। इनमें अनवर अंसारी और रज्जाक अंसारी को आर्म्स एक्ट की धारा 27/35 के तहत अतिरिक्त 5 वर्ष कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी दी गई, जो साथ-साथ चलेगी।पूर्व से फरार रहे तीन दोषियों पर दो-दो लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर तीन वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के 13 गवाहों की गवाही निर्णायक साबित हुई। अदालत का यह फैसला संगठित अपराध के विरुद्ध सख्त संदेश माना जा रहा है।
मिहिजाम डकैती कांड में ऐतिहासिक फैसला: 10 अपराधियों को 10-10 साल की सजा
