पलाश की लालिमा में रंगा 20वां पलाश उत्सव, केवटजाली में बिखरी बसंती सुरों की छटा

मिहिजाम। मिहिजाम थाना क्षेत्र अंतर्गत सीउलीबड़ी पंचायत के केवटजाली स्थित विशाल जलाशय के किनारे पलाश के जंगलों के बीच इस वर्ष भी रंगों के पर्व होली के उपलक्ष्य में 20वां पलाश उत्सव धूमधाम से मनाया गया। पश्चिम बंगाल के रूपनारायणपुर की सामाजिक संस्था संवेदना द्वारा आयोजित इस उत्सव में प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।कार्यक्रम में सीउलीबड़ी पंचायत के मुखिया शिवधन हांसदा, संवेदना के अध्यक्ष डॉ. जयदीप मित्रा, महासचिव अशोक दास तथा कमल गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में दिवाकर दास की अहम भूमिका रही। उत्सव के दौरान मल्लार, संवेदना और सौहार्द सहित कुल 16 सांस्कृतिक समूहों ने वसंत गीतों की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं। पलाश के पेड़ों के बीच प्राकृतिक वातावरण में मंच पर कलाकारों ने लोक एवं रवींद्र संगीत की मधुर धुनों से वातावरण को सराबोर कर दिया।कार्यक्रम का मंच संचालन रत्ना सोम एवं सुनंदा पाल दत्ता ने प्रभावशाली ढंग से किया। उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।संस्था के अध्यक्ष डॉ. जयदीप मित्रा ने बताया कि इस उत्सव का उद्देश्य झारखंड के स्थानीय समुदायों के साथ पारस्परिक संबंधों को मजबूत करना और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि पलाश उत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का प्रतीक है।इस अवसर पर देवब्रत बिस्वास, रंजन दत्ता, सुब्रतो उपाध्याय, पिंटू कुंजीलाल, सुमन चटर्जी, जितेन दे, सुमंत दत्ता, ध्रुवज्योति मुखर्जी, प्रदीप बेसरा, राजेश हेंब्रम, जयदेव मरांडी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। उत्सव ने एक बार फिर प्रकृति की गोद में भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।

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