झारखंड में टाटा समूह का बड़ा निवेश प्रस्ताव, नई टेक्नोलॉजी और स्किल डेवलपमेंट पर रहेगा फोकस

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी रांची। झारखंड में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में टाटा समूह ने बड़ा निवेश करने की योजना बनाई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में संयुक्त प्रेस वार्ता कर राज्य में निवेश से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा समूह का झारखंड से ऐतिहासिक और भावनात्मक रिश्ता रहा है। इसी राज्य की धरती से टाटा समूह ने अपने औद्योगिक सफर की शुरुआत की थी और आज यह समूह वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि टाटा समूह ने अपने विभिन्न उद्योगों और संस्थानों के माध्यम से न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में टाटा समूह और झारखंड सरकार के बीच सहयोग और मजबूत होगा। इससे राज्य में उद्योग, रोजगार और तकनीकी विकास के नए अवसर पैदा होंगे।प्रेस वार्ता के दौरान टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार की नीतियों और दूरदर्शी सोच के कारण झारखंड में निवेश के लिए सकारात्मक माहौल तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए सरकार द्वारा तैयार किया गया रोडमैप निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।चंद्रशेखरन ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में राज्य में नए निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।उन्होंने कहा कि टाटा समूह झारखंड में नई टेक्नोलॉजी आधारित निवेश की दिशा में काम कर रहा है। राज्य में पहले से ही समूह के कई बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं, जिनमें टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसे प्रमुख उद्योग शामिल हैं। अब इन उद्योगों में आधुनिक तकनीक को शामिल करते हुए उत्पादन प्रणाली को और उन्नत बनाने की योजना बनाई गई है।टाटा समूह ने यह भी संकेत दिया कि राज्य में पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक तकनीक आधारित औद्योगिक प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा। विशेष रूप से स्टील उद्योग में नई तकनीकों के उपयोग से प्रदूषण को नियंत्रित करने और उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर काम किया जाएगा। इसके अलावा उन्नत तकनीक पर आधारित हाइड्रोजन संचालित वाहनों के निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने की दिशा में पहल की जा रही है।प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि झारखंड में नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने के लिए टाटा समूह और राज्य सरकार मिलकर नई योजना तैयार करेंगे। इसके लिए दोनों पक्षों के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी, जो इस क्षेत्र में संभावनाओं का अध्ययन कर आगे की रणनीति तैयार करेगी।टाटा समूह का मानना है कि भविष्य में ज्ञान और तकनीक आधारित उद्योग ही आर्थिक विकास की नई दिशा तय करेंगे। ऐसे में झारखंड को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।इस अवसर पर चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा समूह झारखंड के सामाजिक और आर्थिक विकास में अपनी भागीदारी को और मजबूत करेगा। इसके तहत कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी गतिविधियों का दायरा बढ़ाया जाएगा और इसके लिए निर्धारित राशि में भी वृद्धि की जाएगी।उन्होंने कहा कि सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों को और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि राज्य के अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए टाटा समूह ने स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है। इसके तहत युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टाटा समूह की ये योजनाएं धरातल पर उतरती हैं तो इससे झारखंड के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और राज्य में रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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