तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी जामताड़ा। जामताड़ा जिले के नारायणपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में 11वीं कक्षा की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक छात्रा की पहचान छामोली टुडू के रूप में हुई है, जो नारायणपुर थाना क्षेत्र के कुमार पहाड़ी गांव के निवासी वीर टुडू की बेटी थी। छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।परिजनों के मुताबिक शनिवार को छात्रा की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। आरोप है कि विद्यालय प्रशासन ने समय रहते उचित चिकित्सा व्यवस्था नहीं की और अस्पताल ले जाने में भी देरी की गई। परिवार का कहना है कि यदि समय पर इलाज मिल जाता तो शायद छात्रा की जान बचाई जा सकती थी। इस घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।मृतक छात्रा के परिजनों ने बताया कि छामोली का भाई शनिवार सुबह करीब 11 बजे अपनी बहन से मिलने विद्यालय पहुंचा था। लेकिन उसे मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया और अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। परिजनों का आरोप है कि काफी आग्रह के बावजूद उसे बहन से मिलने नहीं दिया गया। इसके बाद करीब दो घंटे बाद जब वह दोबारा विद्यालय पहुंचा, तब तक छात्रा की हालत और बिगड़ चुकी थी और विद्यालय के वार्डन तथा अन्य कर्मियों द्वारा उसे एक निजी वाहन से नारायणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था।अस्पताल में डॉक्टरों ने छात्रा का इलाज शुरू किया, लेकिन करीब आधे घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई। जैसे ही इस घटना की सूचना परिजनों और ग्रामीणों तक पहुंची, इलाके में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग नारायणपुर थाना पहुंच गए और विद्यालय प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। इस दौरान थाना परिसर के बाहर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि छात्रा की बीमारी को गंभीरता से नहीं लिया गया और इसी कारण उसकी जान चली गई।घटना की जानकारी मिलते ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी नारायणपुर थाना पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और पूरी घटना की जानकारी अधिकारियों से ली। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल विद्यालय की वार्डन पारुल मांझी तथा अन्य संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया लापरवाही की आशंका को देखते हुए संबंधित वार्डन के निलंबन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।मंत्री ने यह भी बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार की निगरानी में एक जांच समिति गठित की गई है। यह समिति घटना के सभी पहलुओं की विस्तार से जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि छात्रा की मौत के पीछे किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी की लापरवाही या जिम्मेदारी तय होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रा की मौत को लेकर परिजनों के मन में कुछ संदेह है, इसलिए पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पोस्टमार्टम कराना आवश्यक समझा गया है। मंत्री के निर्देश पर छात्रा का पोस्टमार्टम रविवार को होना है और उसकी रिपोर्ट जांच समिति को सौंपी जाएगी, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।मंत्री इरफान अंसारी ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने मृतक छात्रा के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके साथ ही परिवार को आवास सुविधा उपलब्ध कराने और पेंशन योजना से जोड़ने का भी आश्वासन दिया गया। मंत्री ने यह भी कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मृतक छात्रा के भाई को विभाग में रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाएगा।इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम, जिला आपूर्ति पदाधिकारी क्यूम अंसारी, नारायणपुर थाना प्रभारी मुराद हसन, बीडीओ सह अंचल अधिकारी देवराज गुप्ता सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद थे। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।फिलहाल इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। प्रशासन भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुट गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
कस्तूरबा स्कूल की छात्रा की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, परिजनों ने उठाए सवाल; मंत्री के निर्देश पर जांच शुरू
