तहलका न्यूज 24 संवाददाता कुंडहित (जामताड़ा)। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि जगाने और उन्हें जीवन की बुनियादी वित्तीय समझ देने के उद्देश्य से गुरुवार को एक सराहनीय पहल देखने को मिली। बैंक ऑफ इंडिया की कुंडहित शाखा ने प्राथमिक विद्यालय बाघाशोला में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित कर न सिर्फ बच्चों को सम्मानित किया, बल्कि उन्हें बचत और बैंकिंग की अहम जानकारी भी दी।इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान बैंक के शाखा प्रबंधक सुनिल रजक, अकाउंटेंट शंकर मंडल तथा सनातन मंडल ने संयुक्त रूप से 38 स्कूली बच्चों को पानी की बोतल, पेन और कॉपियां देकर पुरस्कृत किया। इन उपहारों ने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला दी और उनके भीतर पढ़ाई के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के शिक्षकों और बैंक प्रतिनिधियों के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद बच्चों को एक एक कर मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों की गूंज के बीच बच्चों का उत्साहवर्धन किया। यह दृश्य न केवल बच्चों के लिए खास था, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी गर्व का क्षण बन गया।शाखा प्रबंधक सुनिल रजक ने अपने संबोधन में बच्चों को शिक्षा के महत्व के साथ साथ बचत की आदत अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि पैसों का सही प्रबंधन भी उतना ही जरूरी है। यदि बचपन से ही बच्चे बचत की आदत डालते हैं, तो भविष्य में उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलती है।उन्होंने बच्चों को सरल भाषा में बैंकिंग की बुनियादी जानकारी देते हुए समझाया कि बैंक केवल पैसे रखने की जगह नहीं है, बल्कि यह एक सुरक्षित माध्यम है जहां आपकी जमा राशि बढ़ती भी है और जरूरत के समय काम भी आती है। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति, सरकारी योजनाओं से मिलने वाली राशि या जेब खर्च का एक हिस्सा भी यदि नियमित रूप से बचाया जाए, तो वह आगे चलकर बड़ी सहायता साबित हो सकता है।सुनिल रजक ने आगे कहा कि बैंक समय समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहता है, ताकि बच्चों के अंदर शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़े और वे अपने भविष्य को लेकर गंभीर बनें। उन्होंने बच्चों से नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने की अपील की। उनका कहना था कि जो छात्र अनुशासन के साथ पढ़ाई करते हैं, वे जीवन में निश्चित रूप से सफलता हासिल करते हैं।उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा, जो विद्यार्थी नियमित रूप से विद्यालय आते हैं और पूरी लगन से पढ़ाई करते हैं, उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। शिक्षा ही वह आधार है, जो आपको एक बेहतर जीवन की ओर ले जाती है।कार्यक्रम के दौरान बच्चों को यह भी बताया गया कि बैंक खाते का उपयोग कैसे किया जाता है, पैसे जमा करने और निकालने की प्रक्रिया क्या होती है, और किस तरह छोटी छोटी बचत भविष्य में बड़े काम आ सकती है। इस प्रकार बच्चों को वित्तीय साक्षरता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाने का अवसर मिला।विद्यालय के शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना की। शिक्षक उत्तम मंडल और दिवाकर पाल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे पढ़ाई के प्रति अधिक गंभीर होते हैं। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की पहल अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।बच्चों के लिए यह कार्यक्रम किसी उत्सव से कम नहीं था। पुरस्कार पाकर वे काफी उत्साहित नजर आए और उन्होंने भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लिया। कई बच्चों ने कहा कि वे अब नियमित रूप से पढ़ाई करेंगे और बचत की आदत भी अपनाएंगे।इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि यदि समाज के विभिन्न संस्थान मिलकर प्रयास करें, तो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है। शिक्षा के साथ साथ वित्तीय जागरूकता देना आज की जरूरत बन चुकी है, और इस दिशा में बैंक ऑफ इंडिया की यह पहल निश्चित रूप से सराहनीय है।अंत में कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जहां विद्यालय परिवार ने बैंक अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल बच्चों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षा और जागरूकता का सकारात्मक संदेश भी छोड़ गया।
बच्चों को बैंकिंग का पाठ, मेहनत और बचत का मिला संदेश
