मिहिजाम में विक्रम संवत नववर्ष का भव्य आगाज़, आस्था और उत्साह से सराबोर हुआ नगर

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी मिहिजाम। मिहिजाम नगर क्षेत्र में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के शुभ अवसर पर विक्रम संवत नववर्ष का आगमन पूरे उत्साह, श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर शहर का वातावरण पूरी तरह से धार्मिक रंग में रंग गया। नगर के प्रमुख चौक चौराहों और सड़कों को आकर्षक तरीके से भगवा ध्वजों और सजावटी सामग्री से सजाया गया, जिससे हर ओर उत्सव की झलक दिखाई दे रही थी।सुबह होते ही कार्यक्रमों की शुरुआत पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवकों द्वारा विधिवत शस्त्र पूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधानों के बीच संपन्न हुए इस पूजन ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद स्वयंसेवकों ने अनुशासित पंक्तियों में नगर के विभिन्न मार्गों पर पथ संचलन किया। इस दौरान देशभक्ति, संस्कृति और एकता का संदेश देने वाले नारों से पूरा शहर गूंज उठा।पथ संचलन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अपने घरों और दुकानों के बाहर खड़े होकर इस दृश्य को निहारते रहे। कई स्थानों पर लोगों ने स्वयंसेवकों का स्वागत भी किया। अनुशासन और समर्पण का यह प्रदर्शन लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। युवाओं और बच्चों में भी इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।दोपहर तक शहर का माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो चुका था। हर गली मोहल्ले में नववर्ष को लेकर उत्साह नजर आ रहा था। लोग एक दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए दिखाई दिए। मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।शाम होते होते कार्यक्रम ने और भी भव्य रूप धारण कर लिया। नगर के विभिन्न हिस्सों से आई टोलियां बेसिक स्कूल परिसर में एकत्रित होने लगीं। ढोल नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा परिसर जीवंत हो उठा। रंग बिरंगे परिधानों में सजे लोग, हाथों में ध्वज और चेहरे पर उत्साह लिए इस आयोजन का हिस्सा बने।यहीं से एक विशाल और आकर्षक शोभायात्रा की शुरुआत हुई। इस शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु, युवा, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। यात्रा में पारंपरिक झांकियां भी शामिल थीं, जो भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत कर रही थीं। विभिन्न देवी देवताओं के रूप में सजे कलाकारों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।शोभायात्रा जैसे ही नगर के प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ी, रास्ते में जगह जगह लोगों ने इसका स्वागत किया। कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया। दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए जलपान और स्वागत की व्यवस्था की। पूरे मार्ग में उत्साह, श्रद्धा और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला।इस दौरान महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में नजर आईं, जबकि युवा वर्ग हाथों में भगवा ध्वज लिए जोश के साथ नारे लगाते हुए चल रहे थे। बच्चों में भी खासा उत्साह देखा गया, जो इस सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे।शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया। स्वयंसेवकों ने पूरे मार्ग में अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हर वर्ग और समुदाय के लोगों ने इस आयोजन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे सामाजिक समरसता की मिसाल भी देखने को मिली।नगर भ्रमण करते हुए यह शोभायात्रा अंततः स्थानीय गुरुद्वारा साहिब के समीप पहुंचकर शांतिपूर्वक संपन्न हुई। यहां पहुंचकर सभी ने नववर्ष के मंगलमय होने की कामना की और एक दूसरे को शुभकामनाएं दीं।पूरे आयोजन के दौरान कहीं भी अव्यवस्था या असामाजिक तत्वों की कोई गतिविधि देखने को नहीं मिली, जो इस कार्यक्रम की सफलता का प्रमाण है। प्रशासन और आयोजन समिति के सहयोग से यह आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का भी संदेश दिया। मिहिजाम में इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है।कुल मिलाकर, विक्रम संवत नववर्ष का यह उत्सव मिहिजाम के लोगों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया। श्रद्धा, उत्साह, अनुशासन और सांस्कृतिक समृद्धि का यह संगम लंबे समय तक लोगों के मन में बना रहेगा और आने वाले वर्षों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा।

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