तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी जामताड़ा। विक्रम संवत नववर्ष एवं चैती दुर्गा नवरात्रि के प्रथम दिन गुरुवार को जामताड़ा में आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री श्री सार्वजनिक मां काली मंदिर ट्रस्ट द्वारा मंदिर परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें नगर पंचायत के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया तथा जरूरतमंद रोजेदारों के बीच ईदी का वितरण किया गया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना को भी मजबूती दी।कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री रणधीर सिंह एवं सह अतिथि हरिमोहन मिश्रा मौजूद रहे। आयोजन की शुरुआत मां काली की पूजा अर्चना से हुई, जिसके बाद सम्मान समारोह का क्रम प्रारंभ हुआ। इस दौरान नगर पंचायत के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अंगवस्त्र एवं गुलाब फूल देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर जनप्रतिनिधियों ने समाज की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।कार्यक्रम की एक विशेष पहल के रूप में जरूरतमंद रोजेदारों के बीच ईदी का वितरण किया गया। इस पहल ने यह संदेश दिया कि समाज में सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के प्रति समान भाव और सम्मान होना चाहिए। रमजान के पवित्र महीने में इस तरह का आयोजन आपसी सौहार्द और एकता की मिसाल बना।नगर पंचायत अध्यक्ष आशा गुप्ता की अनुपस्थिति में उनके पति एवं समाजसेवी तरुण गुप्ता कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने जामताड़ा के समग्र विकास की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सुंदर जामताड़ा का निर्माण केवल किसी एक व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं है, इसके लिए पूरे समाज को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे शहर को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।तरुण गुप्ता ने अपने वक्तव्य में जीवन के गहरे दर्शन को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं जिनमें एक वे जिनकी प्रशंसा उनके जाने के बाद भी होती है, और दूसरे वे जिनके जाने पर लोग राहत की सांस लेते हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि वे पहले प्रकार के व्यक्ति बनें, जिनके कार्य समाज के लिए प्रेरणा बनें। उन्होंने यह भी कहा कि इंसान अपने साथ कुछ भी नहीं ले जाता, इसलिए जीवन में ऐसे कार्य करने चाहिए जिनसे समाज को लाभ हो और लोग उसे सम्मान के साथ याद करें।सह अतिथि हरिमोहन मिश्रा ने अपने संबोधन में ट्रस्ट के सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि जब विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग एक साथ आकर एक दूसरे के पर्वों में भाग लेते हैं, तो इससे समाज में भाईचारे की भावना मजबूत होती है। उन्होंने ट्रस्ट के इस प्रयास को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को भी एकता और सेवा का संदेश मिलता है।मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री रणधीर सिंह कार्यक्रम में व्यस्तता के कारण थोड़ी देर से पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले मंदिर में विराजमान मां काली के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात ट्रस्ट के सदस्यों ने उन्हें अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को विक्रम संवत नववर्ष, चैती दुर्गा नवरात्रि एवं ईद की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।रणधीर सिंह ने अपने वक्तव्य में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें जिस विश्वास के साथ चुना है, उस पर खरा उतरना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए, ताकि क्षेत्र का समुचित विकास हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि समाज की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और जनप्रतिनिधियों को इसी भावना के साथ कार्य करना चाहिए।कार्यक्रम के दौरान पूरे मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा। एक ओर धार्मिक अनुष्ठान और सम्मान समारोह चल रहा था, वहीं दूसरी ओर जरूरतमंदों के बीच ईदी वितरण के माध्यम से सेवा का भाव भी झलक रहा था। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जामताड़ा की धरती पर विविधता में एकता की परंपरा आज भी जीवित है।कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री श्री सार्वजनिक मां काली मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रदीप सरकार, संयुक्त सचिव पुरुषोत्तम भट्टाचार्य, कोषाध्यक्ष सुभाष नाग के साथ साथ देवब्रत सरकार, गोपू भंडारी, गोविंद चौबे सहित अन्य सदस्यों की भूमिका सराहनीय रही। सभी सदस्यों ने मिलकर आयोजन को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।समापन के अवसर पर उपस्थित लोगों ने इस तरह के आयोजनों को भविष्य में भी जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि समाज में एकता, सहयोग और सेवा की भावना निरंतर बनी रहे। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम था, बल्कि यह एक ऐसा मंच बना, जहां से समाज को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश मिला।
नववर्ष, नवरात्रि और ईद का संगम: जामताड़ा में सम्मान समारोह और ईदी वितरण ने दिया भाईचारे का संदेश
