अलविदा जुम्मा पर इंसानियत की मिसाल: डॉ. इरफान अंसारी ने नारायणपुर में हजारों जरूरतमंदों तक पहुंचाई ईद की खुशियां

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी जामताड़ा। पवित्र रमजान माह के अंतिम शुक्रवार अलविदा जुम्मा के अवसर पर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने नारायणपुर में एक बार फिर सेवा, संवेदना और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की। इस अवसर पर उन्होंने न केवल नमाज़ अदा की, बल्कि हजारों जरूरतमंद परिवारों तक ईद की खुशियां पहुंचाने का भी कार्य किया।अलविदा जुम्मा के मौके पर नारायणपुर में बड़ी संख्या में रोजेदार एकत्र हुए। नमाज़ के दौरान पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला, जहां लोगों ने देश और राज्य में अमन चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। नमाज़ के बाद मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने लोगों से मुलाकात की और उन्हें ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।इस दौरान उन्होंने कहा कि अलविदा जुम्मा का दिन इस्लाम धर्म में बेहद खास होता है। इस दिन की गई इबादत और दुआओं का विशेष महत्व होता है। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा रमजान हमें सब्र, त्याग और दूसरों की मदद करने की सीख देता है। यही वजह है कि खैरात और ज़कात हमारी परंपरा का अहम हिस्सा हैं।इसी भावना के तहत मंत्री अंसारी ने सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों जरूरतमंद परिवारों के बीच साड़ी, धोती, लूंगी, सेवइयां सहित अन्य आवश्यक वस्त्र और सामग्री का वितरण किया। साथ ही जरूरतमंदों को आर्थिक सहयोग भी दिया गया, ताकि वे ईद के त्योहार को पूरे सम्मान और खुशी के साथ मना सकें।कार्यक्रम के दौरान सबसे खास बात यह रही कि वितरण कार्य पूरी तरह व्यवस्थित और सम्मानजनक तरीके से किया गया। लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कई लोगों ने इसे अपने लिए किसी त्योहार से कम नहीं बताया।मंत्री अंसारी ने अपने संबोधन में सामाजिक एकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा ईद का असली संदेश प्रेम, भाईचारा और एक दूसरे के साथ खुशियां साझा करना है। हमें समाज में नफरत की दीवारों को तोड़कर मोहब्बत का माहौल बनाना होगा।उन्होंने आगे कहा कि समाज तभी मजबूत बनता है जब हर वर्ग के लोग एक दूसरे के सुख दुख में साथ खड़े होते हैं। यही वजह है कि वे हर वर्ष इस तरह के सेवा कार्य को प्राथमिकता देते हैं, ताकि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण ईद की खुशियों से वंचित न रह जाए।इस आयोजन की एक विशेष बात इसकी परंपरा भी है। यह सेवा कार्य कोई नई पहल नहीं है, बल्कि यह पिछले चार दशकों से लगातार जारी एक सामाजिक अभियान है, जिसकी शुरुआत मंत्री अंसारी के पिता एवं पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने की थी। अब डॉ. इरफान अंसारी उसी परंपरा को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम में मौजूद बीरबल अंसारी ने कहा हर साल जिस तरह से मंत्री जरूरतमंदों की मदद करते हैं, वह वास्तव में सराहनीय है। यह सिर्फ सहयोग नहीं, बल्कि इंसानियत की सच्ची मिसाल है।वहीं कांग्रेस कार्यकर्ता जयप्रकाश तिवारी ने कहा यह परंपरा समाज के लिए प्रेरणादायक है। फुरकान अंसारी द्वारा शुरू की गई यह पहल आज भी उसी भावना के साथ जारी है। इससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जाता है और भाईचारा मजबूत होता है।कार्यक्रम के दौरान मंत्री अंसारी ने लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका हालचाल जाना और उन्हें गले लगाकर ईद की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान वहां मौजूद लोगों में एक अलग ही उत्साह और अपनापन देखने को मिला।पूरे आयोजन में सामाजिक समरसता और गंगा जमुनी तहजीब की झलक साफ दिखाई दी। अलग अलग वर्गों और समुदायों के लोग एक साथ शामिल हुए और आपसी प्रेम एवं सद्भाव का संदेश दिया।कार्यक्रम के अंत में मंत्री अंसारी ने सभी से अपील की कि वे समाज में शांति, सौहार्द और भाईचारे को बनाए रखें और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे आएं। उन्होंने कहा कि सच्ची इबादत वही है, जो इंसानियत की सेवा के साथ जुड़ी हो।इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के कई कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।इस तरह अलविदा जुम्मा के पावन मौके पर नारायणपुर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि इंसानियत, सेवा और भाईचारे का एक जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।

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