स्वास्थ्य मंत्री के बयानों पर सियासी घमासान: भाजपा नेता हरिमोहन मिश्रा ने उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी जामताड़ा। झारखंड की सियासत में इन दिनों बयानबाजी को लेकर माहौल गरमाता जा रहा है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के हालिया बयानों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं गोड्डा जिला प्रभारी हरिमोहन मिश्रा ने मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।रविवार को जामताड़ा स्थित अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान हरिमोहन मिश्रा ने स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयान समाज में असंतुलन पैदा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर ऐसी टिप्पणियां करते हैं, जिनसे विभिन्न समुदायों की भावनाएं प्रभावित होती हैं और सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचती है।मिश्रा ने कहा कि एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से संयमित और संतुलित भाषा की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति मंत्री पद पर होता है, तो उसके हर शब्द का व्यापक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में उन्हें सोच समझकर बोलना चाहिए, ताकि समाज में किसी तरह की गलतफहमी या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए संवेदनशील विषयों पर हमेशा अनावश्यक बयान देते रहते हैं। मिश्रा के अनुसार इस तरह की राजनीति न केवल असंवेदनशील है बल्कि समाज को विभाजित करने का काम भी करती है। उन्होंने कहा कि कभी मंत्री एक समुदाय के समर्थन में बयान देते नजर आते हैं तो कभी दूसरे समुदाय के पक्ष में लेकिन उनके इस रवैये से सभी वर्गों में असंतोष की भावना पनप रही है।भाजपा नेता ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन यह अधिकार जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था से जुड़े मुद्दे बेहद संवेदनशील होते हैं इसलिए इन पर बोलते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी धर्म या समुदाय का उपहास करना या उनकी भावनाओं को आहत करना निंदनीय है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। प्रेस वार्ता के दौरान मौजूद भाजपा नेता अब्दुल रकीब रहमानी ने भी स्वास्थ्य मंत्री के बयानों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को अपने शब्दों की मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। रहमानी ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से समाज में भ्रम और असहजता की स्थिति बनती है जिससे सामाजिक ताना बाना कमजोर हो सकता है।हरिमोहन मिश्रा ने अपने वक्तव्य में यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा हमेशा से सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करती आई है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने कभी भी किसी विशेष धर्म के खिलाफ बयानबाजी को बढ़ावा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य समाज को जोड़ना है न कि तोड़ना है।उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया जाए और स्वास्थ्य मंत्री के बयानों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। मिश्रा ने कहा कि यदि समय रहते इस तरह की बयानबाजी पर रोक नहीं लगाई गई, तो इसका सीधा असर सामाजिक समरसता पर पड़ सकता है।प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो भाजपा इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात जनता के सामने रखेगी और सरकार से जवाबदेही की मांग करेगी।वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विभिन्न दलों के नेता इस मुद्दे पर अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालांकि अब तक स्वास्थ्य मंत्री की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के विवाद चुनावी माहौल में और अधिक तूल पकड़ सकते हैं। ऐसे में सभी पक्षों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे संयम और जिम्मेदारी के साथ अपने विचार व्यक्त करें ताकि लोकतांत्रिक मर्यादाएं बनी रहें और समाज में शांति एवं सौहार्द कायम रह सके।फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और क्या स्वास्थ्य मंत्री की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं। लेकिन इतना तय है कि इस बयानबाजी ने झारखंड की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है जो आने वाले दिनों में और भी गहराता नजर आ सकता है।

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