तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी चित्तरंजन। रेलनगरी चित्तरंजन के सिमजुरी स्थित पूजा मंडप में इस वर्ष यूथ फेडरेशन क्लब सिमजुरी द्वारा 51वीं बासंती पूजा धूमधाम, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। हर वर्ष की तरह इस बार भी पूजा आयोजन में भव्यता, सांस्कृतिक रंग और सामाजिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों के उत्साह और क्लब सदस्यों की मेहनत ने इस आयोजन को खास बना दिया है।पूजा कमेटी के सेक्रेटरी आबीर गांगुली ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष पूजा का कुल बजट लगभग 6 लाख 50 हजार रुपये रखा गया है। इसमें पंडाल, लाइटिंग और साउंड सिस्टम पर करीब 2 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। पंडाल को आकर्षक और आधुनिक शैली में सजाया गया है जो दूर दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। रात के समय रंग बिरंगी रोशनी से सजा पंडाल किसी उत्सव स्थल से कम नहीं दिखता।इस बार पूजा की सबसे खास बात मां बासंती की प्रतिमा है जिसका बजट लगभग 40 हजार रुपये रखा गया है। यह प्रतिमा बंगाल की प्रसिद्ध डाकेर साज शैली में तैयार की गई है जो अपनी पारंपरिक सुंदरता और कलात्मकता के लिए जानी जाती है। प्रतिमा की भव्यता और बारीकी से की गई सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है। लोग विशेष रूप से इस प्रतिमा के दर्शन के लिए पूजा मंडप में पहुंच रहे हैं।पूजा आयोजन को और भी खास बनाने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है। अष्टमी के दिन यानी गुरुवार को पुरूलिया के प्रसिद्ध छौ नृत्य कलाकारों द्वारा मंच पर मनमोहक प्रस्तुति दी जाएगी। छौ नृत्य अपनी वीरता, परंपरा और लोक संस्कृति के लिए जाना जाता है जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा नवमी के दिन भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।सामाजिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए पूजा समिति द्वारा षष्ठी के दिन एक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। इस शिविर में सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर अपने स्वास्थ्य की जांच कराई और इसका लाभ उठाया। इस पहल की स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की और इसे समाज के प्रति एक सकारात्मक कदम बताया।पूजा स्थल पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था की गई है जिससे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। आयोजन समिति द्वारा सुरक्षा और सुविधा दोनों पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।पूजा का विधिवत संचालन आसनसोल के अनुभवी पुरोहित टी. के. मुखर्जी द्वारा किया जा रहा है। उनके द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और परंपरागत रीति रिवाजों के साथ पूजा संपन्न कराई जा रही है जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है। श्रद्धालु पूरे आस्था के साथ मां बासंती की आराधना में लीन हैं।इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में क्लब के अध्यक्ष देबू घोष, कोषाध्यक्ष मंटू दास सहित अन्य सदस्यों की भूमिका सराहनीय रही है। कमेटी के सक्रिय सदस्यों में एस. सी. ब्रह्म, मिहिर मंडल, संपत बिस्वास, मानस महतो, रिद्धिस पाल, श्यामल राय, सुदीप बिस्वास समेत अन्य सदस्य लगातार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। सभी सदस्यों की मेहनत और समर्पण ने इस पूजा को सफल और यादगार बना दिया है।पूजा परिसर में छोटे स्तर पर मेले का भी आयोजन किया गया है जहां बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए खाने पीने के स्टॉल और विभिन्न दुकानों की वजह से यहां हर वर्ग के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।सिमजुरी की यह 51वीं बासंती पूजा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि यह सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समृद्धि और सामूहिक प्रयास का भी बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। आने वाले दिनों में यहां और भी भीड़ बढ़ने की संभावना है जिससे पूरा क्षेत्र उत्सव के रंग में रंगा रहेगा।
51वीं बासंती पूजा में भक्ति, संस्कृति और उल्लास का संगम: सिमजुरी में यूथ फेडरेशन क्लब का भव्य आयोजन
