तहलका न्यूज 24 कुंडहित (जामताड़ा)। प्रखंड अंतर्गत भेलुआ गांव रविवार को पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया, जब तीन दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन के उपलक्ष्य में भव्य कलशयात्रा निकाली गई। हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजन को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा गया। पूरे गांव में सुबह से ही श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।कलशयात्रा की शुरुआत गांव स्थित लक्ष्मी मंदिर प्रांगण से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इस दौरान 201 कुंवारी कन्याओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर यात्रा में भाग लिया। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और हरिनाम संकीर्तन के साथ निकली यह शोभायात्रा पूरे गांव का आकर्षण बनी रही। श्रद्धालु हरे कृष्णा हरे राम और राधे-राधे के जयघोष के साथ वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे।कलशयात्रा लक्ष्मी मंदिर से प्रारंभ होकर गांव की मुख्य सड़कों से गुजरते हुए हिंगलों नदी तट तक पहुंची। वहां सभी कन्याओं ने विधिपूर्वक घाट पूजन और कलश पूजन किया। वैदिक मंत्रोच्चार और पंडितों के निर्देशन में सम्पन्न हुए इस धार्मिक अनुष्ठान ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। नदी से पवित्र जल भरने के बाद श्रद्धालु पुनः जुलूस के रूप में मंदिर परिसर की ओर लौटे।वापसी के दौरान भी यात्रा की भव्यता देखते ही बन रही थी। महिला श्रद्धालुओं द्वारा डाकी की थाप और खोल-करताल की ध्वनि पर संकीर्तन किया जा रहा था। छोटे-बड़े सभी श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर भगवान के नाम का गुणगान कर रहे थे। पूरा गांव इस दौरान एक धार्मिक उत्सव में तब्दील हो गया।मंदिर परिसर पहुंचने के बाद कलशों की विधिवत स्थापना की गई। इसके साथ ही तीन दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। इस पावन कथा का वाचन पश्चिम बंगाल से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक राघवेंद्र ठाकुर जी महाराज द्वारा किया जाएगा। उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों के अनुसार कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, भक्ति और जीवन मूल्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला जाएगा।कार्यक्रम के आयोजन में पूरे गांव के लोगों की सक्रिय भागीदारी रही। सोलो आना कमेटी के सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि यह आयोजन वर्षों से गांव की धार्मिक परंपरा का हिस्सा रहा है और हर बार इसे और अधिक भव्य बनाने का प्रयास किया जाता है।इस अवसर पर कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्या रीना मंडल ने कार्यक्रम में शिरकत की और आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश देते हैं। वहीं पूर्व जिला परिषद सदस्य भजहरी मंडल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए ग्रामीणों के इस प्रयास की प्रशंसा की और इसे सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने वाला बताया।कार्यक्रम में आसपास के गांवों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने पूरे उत्साह के साथ कलशयात्रा और कथा आयोजन में भाग लिया। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण और अन्य व्यवस्थाएं भी सुचारू रूप से की गई थीं, जिससे किसी को कोई असुविधा नहीं हुई।ग्रामीणों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रतिदिन धार्मिक प्रवचन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इससे न केवल आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण होगा, बल्कि नई पीढ़ी को भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलेगा।पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया। स्वयंसेवकों की टीम लगातार सक्रिय रही और उन्होंने भीड़ को व्यवस्थित रखने में अहम योगदान दिया। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे माहौल और भी रमणीय प्रतीत हो रहा था।भेलुआ गांव में आयोजित यह कलशयात्रा और श्रीमद्भागवत कथा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का भी संदेश देती है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहेगा।अंततः, यह आयोजन एक बार फिर साबित करता है कि जब गांव के लोग एकजुट होकर अपनी परंपराओं को निभाते हैं, तो वह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रह जाता, बल्कि वह समाज को जोड़ने और संस्कारों को संजोने का एक सशक्त माध्यम बन जाता है।
भक्ति की गूंज से गुंजायमान भेलुआ: 201 कन्याओं की भव्य कलशयात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
