चित्तरंजन में गूंजा आक्रोश: एरिक लकड़ा हत्याकांड पर सड़कों पर उतरी भाजपा, 72 घंटे का अल्टीमेटम

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी चित्तरंजन। चित्तरंजन में सीएलडब्ल्यू के कर्मचारी और हॉकी खिलाड़ी एरिक लकड़ा की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से न केवल आम लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है, बल्कि राजनीतिक सरगर्मी भी अपने चरम पर पहुंच गई है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के बाराबनी-चित्तरंजन मंडल-5 के नेतृत्व में गुरुवार को चित्तरंजन थाना के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया।प्रदर्शन का नेतृत्व मंडल संयोजक अभिषेक कुमार सिंह ने किया, जिनके नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग थाने के बाहर एकत्र हुए। सभी ने एक स्वर में हत्या के दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच की मांग उठाई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखी नारेबाजी की और आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं का गुस्सा साफ तौर पर देखा गया। लोगों ने न्याय दो, न्याय दो, चित्तरंजन पुलिस हाय हाय और अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करो जैसे नारे लगाए। स्थिति उस समय और भी गरमा गई जब बाराबनी से भाजपा के विधायक प्रत्याशी अरीजित राय स्वयं मौके पर पहुंचे और थाना गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके धरने पर बैठते ही माहौल और अधिक उग्र हो गया तथा भीड़ का उत्साह और आक्रोश दोनों बढ़ गया।अरीजित राय ने मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उनका आरोप था कि राज्य की पुलिस अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण देने का काम कर रही है, जिससे आम जनता का भरोसा कानून व्यवस्था से उठता जा रहा है।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि 72 घंटे के भीतर इस जघन्य हत्या में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो भाजपा इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी इस मुद्दे को राज्य स्तर पर उठाएगी और जरूरत पड़ी तो व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।भाजपा नेताओं ने इस दौरान यह भी सवाल उठाया कि 8 मार्च को हुई इस घटना के बावजूद अब तक पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करने में असफल क्यों रही है, जबकि सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से संदिग्धों के सबूत मौजूद हैं। उन्होंने मांग की कि फुटेज की बारीकी से जांच की जाए और उसमें दिख रहे सभी लोगों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।प्रदर्शनकारियों ने सीएलडब्ल्यू टाउनशिप में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की भी मांग की। उनका कहना था कि जिस तरह से दिनदहाड़े या रात के समय इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, उससे आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस को अपनी गश्त बढ़ानी चाहिए और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने चाहिए।इस विरोध-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे। प्रमुख रूप से अनुज कुमार, दिनेश पाठक, राजेश शर्मा, उत्तम कुमार मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर न्याय की मांग उठाई और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।प्रदर्शन के दौरान कई वक्ताओं ने कहा कि एरिक लकड़ा न केवल एक कर्मचारी थे, बल्कि एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी थे, जिनका इस तरह से जाना पूरे समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते अपराधियों को सजा नहीं मिली, तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा और अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे।वहीं, स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण ही अपराधी खुलेआम वारदात को अंजाम दे रहे हैं। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे भी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। एरिक लकड़ा हत्याकांड ने चित्तरंजन में न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राजनीतिक माहौल को भी पूरी तरह से गरमा दिया है। अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी कार्रवाई करती है। यदि समय रहते दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है।

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