चित्तरंजन में गूंजा न्याय का स्वर: एरिक लकड़ा को श्रद्धांजलि, हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग तेज

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी चित्तरंजन। रेलनगरी चित्तरंजन के आर-7 मार्केट स्थित इंटक यूनियन कार्यालय परिसर में शुक्रवार शाम एक भावुक और आक्रोश से भरी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह सभा चिरेका कर्मी सह राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी दिवंगत एरिक लकड़ा की स्मृति में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में चिरेका के कर्मचारी, यूनियन के सदस्य और उनके शुभचिंतक शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान न सिर्फ दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी गई, बल्कि उनके हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी और परिवार को न्याय दिलाने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई।कार्यक्रम की शुरुआत दो मिनट के मौन रखकर की गई, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने एरिक लकड़ा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद उनके तैलचित्र पर बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। माहौल पूरी तरह भावुक था, जहां हर किसी की आंखों में दुख और गुस्सा साफ झलक रहा था।इस श्रद्धांजलि सभा में चिरेका के डिप्टी महाप्रबंधक सचिव रोहित करकेट्टा भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में बेहद मार्मिक और स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे यहां किसी पदाधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक आम नागरिक और साथी के रूप में उपस्थित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आज सभी लोग एकजुट होकर यहां इकट्ठा हुए हैं, उसी तरह सभी को तब तक एकजुट रहना होगा जब तक एरिक लकड़ा के हत्यारों को गिरफ्तार कर सजा नहीं दिलाई जाती और उनके परिवार को न्याय नहीं मिलता।रोहित करकेट्टा ने आगे कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि पूरे समाज और खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने चित्तरंजन थाना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि थाना प्रभारी अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं करते और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं करते, तो उन्हें अपने पद से हट जाना चाहिए। उनके इस बयान पर सभा में मौजूद लोगों ने जोरदार समर्थन जताया।वहीं इंटक के महासचिव इंद्रजीत सिंह ने भी अपने संबोधन में थाना प्रभारी की कार्यशैली की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस की सुस्ती और निष्क्रियता चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एरिक लकड़ा के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सिर्फ इंटक ही नहीं, बल्कि सभी संगठन, राजनीतिक दल और आम नागरिक भी अपने-अपने स्तर से लगातार प्रयास कर रहे हैं।इंद्रजीत सिंह ने यह भी कहा कि जब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चिरेका प्रशासन से मांग की कि दिवंगत के परिवार को एक सप्ताह के भीतर नौकरी और सभी आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि परिवार को इस कठिन समय में कुछ राहत मिल सके।सभा में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी एक स्वर में न्याय की मांग को दोहराया। साथ ही कहा कि चित्तरंजन एक सुरक्षित शहर है लेकिन इस घटना के बाद से चिरेका कर्मी अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे है। साथ ही कहा कि चित्तरंजन थाना का कार्य यहां निवास करनेवाले चिरेका कर्मियों को सुरक्षा प्रदान करना लेकिन घटना के 25 दिन बाद भी हत्यारों की गिरफ्तारी न होना ऐसा लग रहा है कि चित्तरंजन थाना प्रभारी के द्वारा चिरेका कर्मियों के बजाए हत्यारों को सुरक्षा दिया जा रहा है। एरिया 5 के वाइस वार्डन सुरेंद्र झा, संजीव कुमार शाही, पिंटू पांडे सहित कई अन्य वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक श्रद्धांजलि सभा नहीं, बल्कि एक आंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।कार्यक्रम के दौरान लोगों ने एकजुटता का परिचय देते हुए यह संकल्प लिया कि वे इस मामले को तब तक उठाते रहेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता। कई वक्ताओं ने यह भी कहा कि एरिक लकड़ा न केवल एक कर्मठ कर्मचारी थे, बल्कि एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी थे, जिन्होंने अपने खेल से क्षेत्र का नाम रोशन किया था। उनकी इस तरह की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने यह भी कहा कि इस घटना के बाद से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से अपील की कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई करें और दोषियों को कानून के दायरे में लाएं, ताकि आम जनता का भरोसा बना रहे।कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे दिवंगत एरिक लकड़ा के परिवार के साथ खड़े हैं और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे। साथ ही यह भी तय किया गया कि यदि जल्द न्याय नहीं मिलता है, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।इस श्रद्धांजलि सभा ने जहां एक ओर एरिक लकड़ा की यादों को ताजा किया, वहीं दूसरी ओर न्याय की लड़ाई को और मजबूती प्रदान की। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और क्या वास्तव में दोषियों को जल्द सजा मिल पाती है या नहीं।

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