करमाटांड़ से उठी आत्मनिर्भरता की नई मिसाल: दीदियों को मिली ‘आजीविका एक्सप्रेस’ की रफ्तार

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी जामताड़ा। ग्रामीण महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जामताड़ा जिले के करमाटांड़ प्रखंड से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी की ओर से डुमरिया संकुल में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं के सपनों को नई उड़ान मिली।कार्यक्रम के दौरान आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत डुमरिया पंचायत के जेरुवा गांव की राधा आजीविका सखी मंडल से जुड़ी यशोदा पाल को स्वरोजगार के लिए टाटा एस वाहन सौंपा गया। जिला उप-विकास आयुक्त निरंजन कुमार ने वाहन की चाबी देकर हरी झंडी दिखाई, जिससे गांव में रोजगार और परिवहन सुविधा का नया अध्याय शुरू हुआ।यह योजना दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में सस्ती और सुरक्षित परिवहन सेवा उपलब्ध कराना और महिलाओं को बिना ब्याज के ऋण देकर उद्यमिता की ओर बढ़ाना है।सामुदायिक एकता और सम्मान का संदेशकार्यक्रम में सखी मंडल की महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर सामूहिक रूप से विकास की धारा से जुड़ने और समाज को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।इस अवसर पर डीडीसी निरंजन कुमार ने कहा कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं, तो परिवार के साथ-साथ समाज भी तरक्की करता है। उन्होंने ‘आजीविका एक्सप्रेस’ को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया।वहीं, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राहुल रंजन ने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि हर जरूरतमंद महिला तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।इस मौके पर मुखिया बालदेव मरांडी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक शेखर प्रसाद, पंचायत सचिव रिंकू राणा, वार्ड सदस्य इरशाद अंसारी समेत कई अधिकारी और बड़ी संख्या में सखी मंडल की महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का समापन उत्साह, खुशी और नए संकल्प के साथ हुआ। यह पहल न सिर्फ महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि जामताड़ा में बदलाव की नई कहानी भी लिख रही है।

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