तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी सालानपुर। वेस्ट बर्दवान जिले के सलानपुर ब्लॉक में वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर भारी विरोध देखने को मिला। वर्षों से मतदान कर रहे लोगों के नाम अचानक सूची से गायब हो जाने से आम नागरिकों में गहरी चिंता और आक्रोश है। लोग इसे अपनी पहचान और अधिकारों पर सीधा असर मान रहे हैं।स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज और एसआईआर एप्लीकेशन समय पर जमा किए थे, इसके बावजूद उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए। इससे कई लोगों में अपनी नागरिकता को लेकर डर का माहौल बन गया है। प्रभावित लोगों का कहना है कि वे दशकों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं, फिर भी उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।इस मुद्दे को लेकर सैकड़ों लोग जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की। इस दौरान एक बुजुर्ग महिला अपने कागजात के साथ न्याय की गुहार लगाती नजर आईं, जो पूरे मामले की संवेदनशीलता को दर्शाता है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सलानपुर ब्लॉक की तृणमूल कांग्रेस भी सक्रिय हो गई है। पार्टी ने न केवल पीड़ितों का साथ दिया, बल्कि उनकी मदद के लिए सामूहिक रूप से आवेदन तैयार करवाए और जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए बस की व्यवस्था भी की। इस पहल में बाराबनी के विधायक बिधान उपाध्याय की भूमिका अहम रही।तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व ने इस पूरे मामले के लिए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह प्रशासनिक लापरवाही या सुनियोजित कार्रवाई हो सकती है, जिससे आम लोगों को परेशान किया जा रहा है।पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जब तक हर योग्य मतदाता का नाम दोबारा सूची में शामिल नहीं हो जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
वोटर लिस्ट से नाम गायब होने पर सलानपुर में बवाल, लोगों के समर्थन में उतरी तृणमूल
