तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी चित्तरंजन। रेलनगरी चित्तरंजन का रंजन सिनेमा हॉल गुरुवार की शाम एक भव्य साहित्यिक आयोजन का साक्षी बना, जब चिरेका के राजभाषा विभाग की ओर से विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चिरेका के महाप्रबंधक मोहित चंद्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया।कार्यक्रम की शुरुआत अत्यंत भावनात्मक माहौल में हुई। जैसे ही वंदे मातरम की धुन पूरे सभागार में गूंजी, उपस्थित सभी लोग सम्मान में खड़े हो गए और सामूहिक रूप से गीत गाकर देशभक्ति का अनूठा संदेश दिया। इसके बाद अतिथियों और आमंत्रित कवियों का पुष्पगुच्छ, पौधा एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शबाना अदीब की संवेदनशील और प्रभावशाली कविताओं ने जहां भावनाओं को छू लिया, वहीं प्रियांशु गजेंद्र ने समसामयिक विषयों पर व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। अजय अंजाम और मुरारी मंडल ने समाज की ज्वलंत समस्याओं को अपने शब्दों में पिरोकर दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया।हास्य-व्यंग्य के रंग भी मंच पर खूब बिखरे। रमेश मुस्कान की चुटीली और मनोरंजक कविताओं ने माहौल को हल्का-फुल्का और जीवंत बनाए रखा, जिससे श्रोता ठहाकों से गूंज उठे। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण यह भी रहा कि चिरेका के पीसीएमएम ए.के. मेश्राम ने भी मंच संभालते हुए अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।कवियों की प्रस्तुतियों का सिलसिला देर रात तक जारी रहा और हर कविता के साथ सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में उपस्थित साहित्य प्रेमियों, रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस आयोजन का भरपूर आनंद उठाया।यह आयोजन न केवल हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति लोगों की रुचि को प्रोत्साहित करने में सफल रहा, बल्कि चित्तरंजन में सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा और ऊर्जा भी प्रदान कर गया।
कविता की गूंज से झूम उठा चित्तरंजन, रंजन सिनेमा हॉल में सजी यादगार साहित्यिक संध्या
