तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी 26 अप्रैल 2026 सालानपुर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान बाराबानी क्षेत्र से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने प्रेस की स्वतंत्रता और चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रूपनारायणपुर के नांदनिक हॉल स्थित कई मतदान केंद्रों पर कवरेज कर रहे पत्रकार काजल मित्रा के साथ केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों द्वारा कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का आरोप लगा है।बताया जा रहा है कि काजल मित्रा के पास भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वैध मीडिया पास मौजूद था, इसके बावजूद मौके पर तैनात जवानों ने उस पास को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जवानों ने कथित तौर पर पास को अमान्य बताते हुए उन्हें कवरेज से रोका। इस दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पत्रकार के साथ हाथापाई और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई।आरोप है कि इस घटनाक्रम में पत्रकार का कैमरा, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी छीन ली गई। हालांकि बाद में स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप के बाद उनका सामान वापस कराया गया, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।घटना के बाद आसनसोल-दुर्गापुर सहित आसपास के क्षेत्रों के पत्रकारों में नाराजगी देखी जा रही है। मीडिया कर्मियों का कहना है कि यदि अधिकृत पहचान पत्र के बावजूद इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो स्वतंत्र और निष्पक्ष रिपोर्टिंग कैसे संभव होगी। उन्होंने इसे प्रेस की आजादी पर सीधा हमला बताया है।इस मामले में पत्रकार काजल मित्रा ने रूपनारायणपुर पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयोग, राज्य चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन को भी पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। पत्रकार संगठनों ने दोषी सुरक्षाकर्मियों पर सख्त कार्रवाई, घटना की निष्पक्ष जांच और चुनाव के दौरान मीडिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।यह घटना चुनाव जैसे संवेदनशील समय में लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर बहस छेड़ती है। अब देखना होगा कि संबंधित एजेंसियां इस मामले में क्या कदम उठाती हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।
बाराबानी में पत्रकार पर कथित हमला: चुनाव कवरेज के दौरान सुरक्षाबलों पर गंभीर आरोप
