मिहिजाम। जामताड़ा थाना क्षेत्र के सत्साल गांव निवासी 10 वर्षीय कन्हाई महतो रविवार शाम भटकते हुए मिहिजाम थाना क्षेत्र के बादोलीगढ़ पहुंच गया। कन्हाई, जो अपने पिता स्वर्गीय गोपी चंद महतो का पुत्र है, रास्ता भटकने के बाद एक स्थानीय दुकान में पहुंचा और दुकानदार से यह कहने लगा कि उसे अपनी मौसी के घर जाना है। बच्चे की मासूमियत और स्थिति को देखते हुए दुकानदार एवं आसपास के लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए पहले उसे नाश्ता कराया और फिर सुरक्षित रूप से मिहिजाम थाना पहुंचा दिया।थाने में सूचना मिलते ही मिहिजाम थाना प्रभारी विवेकानंद दुबे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। पुलिस द्वारा बच्चे से पूछताछ कर उसके परिजनों की जानकारी जुटाई गई और तत्काल संपर्क साधा गया। पुलिस की सक्रियता के कारण सोमवार सुबह बच्चे के दादा प्रफुल्ल महतो मिहिजाम थाना पहुंचे।थाना प्रभारी विवेकानंद दुबे ने सभी औपचारिकताओं के बाद कन्हाई महतो को उसके दादा के सुपुर्द कर दिया। बच्चे को सकुशल पाकर दादा की आंखों में राहत और खुशी साफ झलक रही थी। इस दौरान प्रफुल्ल महतो ने बताया कि कन्हाई के पिता अब इस दुनिया में नहीं है और माता भी साथ में नहीं रहती है, जिसके कारण उसकी देखभाल की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर है। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चे का मानसिक संतुलन पूरी तरह ठीक नहीं है।दादा ने बताया कि रविवार को वह काम पर गए हुए थे, इसी दौरान कन्हाई घर से निकल गया और भटकते हुए मिहिजाम पहुंच गया। पुलिस, स्थानीय लोगों और दुकानदार की सतर्कता एवं संवेदनशीलता से एक बड़ा अनहोनी टल गई। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर की गई मानवीय पहल और पुलिस की तत्परता से किसी मासूम की जिंदगी सुरक्षित की जा सकती है।
भटककर मिहिजाम पहुंचा 10 वर्षीय मासूम, पुलिस की तत्परता से परिजनों से मिला
