तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी चित्तरंजन। चित्तरंजन रेल कारखाना स्थित केजी अस्पताल में फर्श की मरम्मत के दौरान एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग के एक कमरे के नीचे लगभग सात फीट गहरा कुआं मिलने से कर्मचारियों और अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। यह कुआं उस समय सामने आया जब कमरे में पुराने फर्श को हटाकर नया ग्रेनाइट फ्लोर लगाने का काम चल रहा था।जानकारी के अनुसार शुक्रवार को अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग के रूम नंबर 99 में फर्श का नवीनीकरण कार्य किया जा रहा था। पुराने सीमेंटेड फर्श को हटाने के लिए ड्रिलिंग मशीन से तोड़ाई का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक मजदूरों को फर्श के नीचे बड़ा खाली गड्ढा दिखाई दिया। जब काम को रोककर उसकी जांच की गई तो पता चला कि वहां एक गहरा कुआं मौजूद है।मजदूरों ने तुरंत काम बंद कर इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी। जांच में पाया गया कि कुआं करीब सात फीट गहरा है, हालांकि उसके अंदर किसी प्रकार की वस्तु या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। बावजूद इसके अस्पताल के महत्वपूर्ण विभाग के नीचे इस तरह का कुआं मिलने से सभी लोग हैरान हैं।बताया जा रहा है कि केजी अस्पताल काफी पुराना संस्थान है और इसका निर्माण करीब आधी सदी पहले हुआ था। पिछले कुछ समय से अस्पताल के विभिन्न विभागों में मरम्मत और आधुनिकीकरण का काम चल रहा है। कई कमरों में पुराने फर्श को हटाकर नए ग्रेनाइट फ्लोर लगाए जा रहे हैं। इसी प्रक्रिया के दौरान यह कुआं सामने आया।अस्पताल के प्रिंसिपल चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. अजय कुमार ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि संभवतः अस्पताल भवन के निर्माण से पहले उस स्थान पर यह कुआं मौजूद रहा होगा। बाद में भवन निर्माण के दौरान कुएं के मुंह को ढक दिया गया होगा। हालांकि यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि कुआं था तो उसे पूरी तरह से भरा क्यों नहीं गया और उसके ऊपर ही निर्माण कैसे कर दिया गया।अस्पताल सूत्रों के अनुसार पैथोलॉजी विभाग का यह कमरा बाद में बनाया गया था। उस समय यहां सीमेंट का फर्श था। माना जा रहा है कि उस दौरान कुएं के ऊपर कंक्रीट की स्लैब डालकर उसे ढक दिया गया, लेकिन अंदर का गड्ढा पूरी तरह नहीं भरा गया। यही कारण है कि अब जब पुराने फर्श को हटाया गया तो यह कुआं फिर से सामने आ गया।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस कुएं का पता नहीं चलता तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता था। फर्श धंसने की स्थिति में मरीजों या कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। फिलहाल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उस स्थान पर मरम्मत का काम रोक दिया गया है।डॉ. अजय कुमार ने बताया कि इस मामले की जानकारी संबंधित ठेकेदार को दे दी गई है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अस्पताल भवन की संरचना पूरी तरह सुरक्षित रहे। आवश्यकता पड़ने पर इंजीनियरिंग टीम से भी तकनीकी जांच कराई जाएगी।घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और अस्पताल कर्मचारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे निर्माण कार्य में बड़ी लापरवाही का उदाहरण मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इस कुएं को लेकर तरह-तरह की अटकलें भी लगा रहे हैं।कई लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में इस तरह की संरचनात्मक खामी बेहद गंभीर मामला है। यदि मरम्मत कार्य नहीं हो रहा होता तो शायद इस कुएं का पता भी नहीं चलता और भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता था।फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने उस स्थान को पूरी तरह सुरक्षित कर दिया है और आगे की कार्रवाई के लिए तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में इस रहस्यमयी कुएं को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
चित्तरंजन के केजी अस्पताल में फर्श के नीचे मिला 7 फीट गहरा कुआं, मरम्मत कार्य के दौरान सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
