तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी मिहिजाम। मिहिजाम थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 2 स्थित बादोलीगढ़ मोहल्ले में शनिवार रात एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई। यहां 14 वर्षीय छात्र आयुष शर्मा ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है, वहीं पड़ोसी और स्थानीय लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं।मृतक आयुष शर्मा चित्तरंजन स्थित संत जोशेफ कॉन्वेंट स्कूल का कक्षा 9 का छात्र था। बताया जा रहा है कि इन दिनों उसके स्कूल में वार्षिक परीक्षा चल रही थी। शनिवार को उसने गणित विषय की परीक्षा दी थी। परीक्षा देने के बाद वह घर लौटा था, लेकिन शाम होते होते ऐसी दुखद घटना घट गई जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार शाम लगभग 8 बजे आयुष ने घर के अंदर एल्युमिनियम की सीढ़ी का सहारा लेकर कमरे की छत में लगे हुक में रस्सी का फंदा तैयार किया और उसी से झूलकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। जिस समय यह घटना हुई उस समय घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। आयुष अपनी मां और नानी के साथ रहता था।बताया जाता है कि घटना के समय उसकी मां और नानी दोनों किसी काम से बाजार गई हुई थीं। घर में अकेला होने का फायदा उठाकर आयुष ने यह खौफनाक कदम उठा लिया। जब उसकी मां और नानी बाजार से वापस घर लौटीं तो उन्होंने कमरे के अंदर आयुष को फंदे से लटका हुआ देखा। यह दृश्य देखते ही दोनों के होश उड़ गए और वे जोर-जोर से रोने और चिल्लाने लगीं।परिजनों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने किसी तरह स्थिति को संभालने की कोशिश की और तुरंत मिहिजाम पुलिस को घटना की सूचना दी।सूचना मिलते ही मिहिजाम थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।घटनास्थल पर मौजूद पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्र ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पुलिस परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की वजह सामने आ सके।स्थानीय लोगों के अनुसार आयुष एक शांत स्वभाव का लड़का था और पढ़ाई में भी ठीक ठाक था। किसी को भी अंदाजा नहीं था कि वह इस तरह का कदम उठा सकता है। इस अचानक हुई घटना से पूरा मोहल्ला स्तब्ध है।बताया जा रहा है कि इन दिनों स्कूलों में वार्षिक परीक्षाओं का दौर चल रहा है और छात्र पढ़ाई के दबाव में भी रहते हैं। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि परीक्षा का दबाव या कोई अन्य कारण इस घटना के पीछे है। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है।इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है। मां और नानी की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। पड़ोसी और रिश्तेदार लगातार उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं। घर के बाहर लोगों की भीड़ देर रात तक लगी रही और हर कोई इस घटना पर दुख व्यक्त करता नजर आया।पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मामले की पूरी जांच कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में एक किशोर छात्र ने अपनी जिंदगी खत्म करने जैसा गंभीर कदम उठाया।इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि किशोरावस्था में बच्चों की मानसिक स्थिति और उन पर पड़ने वाले दबाव को गंभीरता से समझना कितना जरूरी है। परिवार और समाज दोनों को मिलकर बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने और उनकी भावनाओं को समझने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
गणित परीक्षा के बाद 9वीं के छात्र ने की आत्महत्या, मिहिजाम के बादोलीगढ़ में घटना से मचा हड़कंप
