तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी चित्तरंजन। रेलनगरी चित्तरंजन के अमलादही स्थित आजाद हिन्द क्लब में 73वीं बासंती पूजा का शुभारंभ मंगलवार को षष्ठी पूजा के साथ पूरे विधि विधान और उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। वर्षों पुरानी इस परंपरा का आगाज इस बार भी भव्यता, श्रद्धा और सांस्कृतिक रंगों के साथ किया गया जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।पूजा पंडाल का उद्घाटन मुख्य अतिथि चिरेका रेलवे सुरक्षा बल के सुरक्षा आयुक्त सोमनाथ चक्रवर्ती द्वारा विधिवत रूप से किया गया। उद्घाटन के दौरान उन्होंने पूजा समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि को भी बढ़ावा देते हैं। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में एरिया 5 वाइस वार्डन सुमन सेनगुप्ता, एरिया 5 वाइस वार्डन सुरेंद्र झा और राजीव गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।क्षेत्र के बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उद्घाटन समारोह को और भी खास बना दिया। बच्चों ने नृत्य की प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में स्थानीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी जिससे उपस्थित लोगों ने खूब सराहना की और तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साह बढ़ाया।क्लब के सेक्रेटरी संजीव चक्रवर्ती ने पूजा के आयोजन को लेकर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष पूजा का कुल बजट लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये रखा गया है। उन्होंने बताया कि पंडाल निर्माण पर करीब 50 हजार रुपये खर्च किए गए हैं जबकि लाइट एवं साउंड व्यवस्था पर लगभग 20 हजार रुपये का व्यय हुआ है। इसके अलावा मां बासंती की प्रतिमा के निर्माण पर 30 हजार रुपये खर्च किए गए हैं जो इस वर्ष आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है।उन्होंने आगे बताया कि इस बार पूजा की एक खास विशेषता यह है कि प्रतिदिन क्षेत्रीय एवं बाहरी कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा बल्कि दर्शकों को भी विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेने का अवसर प्राप्त होगा। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से सामाजिक जुड़ाव और सांस्कृतिक आदान प्रदान को बढ़ावा मिलता है।पूजा पंडाल की सजावट भी इस वर्ष विशेष रूप से आकर्षक बनाई गई है। रंग बिरंगी लाइटों और कलात्मक डिजाइन से सजे पंडाल में प्रवेश करते ही श्रद्धालु एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभूति का अनुभव कर रहे हैं। प्रतिमा की कलात्मकता और भव्यता भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में मां बासंती के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और पूजा अर्चना कर अपनी मनोकामनाएं मांग रहे हैं।सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी इस वर्ष विशेष इंतजाम किए गए हैं। पूजा पंडाल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिससे पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। इसके अलावा स्वयंसेवकों की टीम भी लगातार सक्रिय है जो श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसका ध्यान रख रही है। आयोजकों ने प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया है ताकि पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।दर्शनार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। इससे बाहर से आने वाले लोगों को अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने में आसानी हो रही है। समिति द्वारा साफ सफाई और सुव्यवस्थित व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।पूजा का संचालन चित्तरंजन के स्थानीय पुरोहित चंचल चक्रवर्ती द्वारा पूरे विधि विधान के साथ किया जा रहा है। वे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सभी धार्मिक अनुष्ठानों को संपन्न करा रहे हैं जिससे पूजा का माहौल और भी पवित्र और दिव्य बन गया है।इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में क्लब के अध्यक्ष समरेश गुहा, कोषाध्यक्ष सोमनाथ सिंह, सुबीर देव, अनिर्बान घोष, मधुसूदन बिस्वास, तमाल रॉय सहित अन्य सदस्यों की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। सभी सदस्य मिलकर पूरे समर्पण के साथ आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।आजाद हिन्द क्लब की 73वीं बासंती पूजा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि यह सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विविधता और सामूहिक सहयोग का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। आने वाले दिनों में पूजा के विभिन्न कार्यक्रमों को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है और यह आयोजन निश्चित रूप से लोगों की यादों में एक विशेष स्थान बनाएगा।
भव्यता और आस्था का संगम: चित्तरंजन के आजाद हिन्द क्लब में 73वीं बासंती पूजा का शुभारंभ, षष्ठी पर गूंजा सांस्कृतिक उत्सव
