नाला (जामताड़ा)। नाला प्रखंड के कालाझरिया गांव में रविवार को घटवाल समाज द्वारा आयोजित सामूहिक सूर्याहु पूजा पूरे विधि-विधान, परंपरा और गहरी श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुई। वर्षों पुरानी इस धार्मिक परंपरा को समाज के लोगों ने बड़े उत्साह और भक्ति भाव के साथ पुनर्जीवित किया। पूजा का नेतृत्व मधुसुदन पांडे सहित कई पुरोहितों ने किया, जिन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अनुष्ठान को पूर्ण कराया।
इस धार्मिक आयोजन में मुख्य जजमान बैकुंठ नाथ सिंह एवं उनकी पत्नी शांति देवी ने निर्धारित सभी वैदिक कर्मकांड पूरे किए। पूजा के दौरान व्रतियों ने परंपरागत नियमों का पालन करते हुए कठोर व्रत रखा। समाज की प्राचीन मान्यता के अनुरूप इस अवसर पर दर्जनों सफेद बकरों की बलि भी दी गई, जिसे पूजा का अभिन्न हिस्सा माना जाता है।
पूरी घटवाल समुदाय के लिए यह अवसर विशेष रहा, क्योंकि उनके अनुसार यह पूजा लगभग 25 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद संपन्न हुई। इसी कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु कालाझरिया पहुंचे और प्रसाद ग्रहण कर धार्मिक माहौल का अनुभव किया। पूरे गांव में दिनभर आस्था, उमंग और सांस्कृतिक समरसता का अनूठा वातावरण देखने को मिला।
इस आयोजन को सफल बनाने में मुख्य जजमान के साथ अर्जुन सिंह, नारायण सिंह, गोविंद सिंह, रामप्रसाद सिंह, कमल सिंह, गिरधारी सिंह, अवध बिहारी सिंह, माथुर सिंह, संजीव सिंह, राजीव सिंह, लक्ष्मण सिंह, गोविंद प्रसाद सिंह, रतन सिंह, देवेंद्र सिंह, पूरन सिंह, मनोहर सिंह, हरियाली सिंह सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्यों ने सहयोग किया। महिलाओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई, जिनमें रानी कुमारी, गीता सिंह, गीता देवी, गंगा देवी, सोनी सिंह, प्रियंका सिंह, कौशल्या कुमारी और शंकरी देवी प्रमुख रहीं।
पूरे आयोजन ने परंपरा, आस्था और सामूहिक एकता की जीवंत मिसाल पेश की, जिसके कारण कालाझरिया गांव में धार्मिक उल्लास का विशेष वातावरण बना रहा।
