तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी चित्तरंजन। पवित्र रमज़ान माह के अवसर पर चित्तरंजन के आर 7 क्षेत्र में मंगलवार की शाम एक भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में रोज़ेदारों ने भाग लेकर आपसी एकता और सौहार्द का परिचय दिया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का एक सशक्त संदेश भी पूरे क्षेत्र में प्रसारित किया।इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन श्रमिक संगठनों में सीआरएमसी, एनएफआईआर और इंटक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। कार्यक्रम में चित्तरंजन के साथ साथ पड़ोसी क्षेत्र मिहिजाम से भी रोज़ेदारों की उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिली। शाम होते ही आयोजन स्थल पर लोगों की भीड़ जुटने लगी और पूरे माहौल में एक विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया गया।सूर्यास्त के समय जैसे ही अज़ान की आवाज़ गूंजी, रोज़ेदारों ने खजूर और अन्य पारंपरिक व्यंजनों के साथ रोज़ा खोला। इफ्तार के लिए विभिन्न प्रकार के पकवानों की व्यवस्था की गई थी, जिसमें फल, शर्बत, खजूर, पकौड़ी और अन्य व्यंजन शामिल थे। आयोजन समिति द्वारा सभी मेहमानों के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी, जिससे किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।इफ्तार के पश्चात रोज़ेदारों ने वहीं पर सामूहिक रूप से मग़रिब की नमाज़ अदा की। नमाज़ के दौरान पूरे वातावरण में शांति और श्रद्धा का भाव स्पष्ट रूप से महसूस किया गया। नमाज़ के बाद लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर रमज़ान की मुबारकबाद दी और आपसी प्रेम को और सुदृढ़ किया।इस अवसर पर श्रमिक संगठन के अध्यक्ष पी. के. शाही, कार्यकारी अध्यक्ष नेपाल चक्रवर्ती तथा महासचिव इंद्रजीत सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि इस इफ्तार पार्टी का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि श्रमिक संगठन हमेशा से सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते आए हैं और आगे भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे।कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में बाराबनी के निवर्तमान विधायक सह आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि रमज़ान का महीना संयम, त्याग और सेवा का प्रतीक है। इस तरह के आयोजनों से समाज में प्रेम और सौहार्द की भावना और अधिक मजबूत होती है। उन्होंने सभी से अपील की कि क्षेत्र में आपसी भाईचारा बनाए रखें और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता दें।विधान उपाध्याय ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार द्वारा रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महंगाई से आम जनता काफी परेशान है और सरकार को इस दिशा में तत्काल कदम उठाते हुए बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर वे हमेशा आवाज उठाते रहेंगे।इसके अलावा उन्होंने पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुई एसआईआर प्रक्रिया में कथित खामियों को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे जनता में असंतोष है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की जनता फिलहाल शांत है, लेकिन समय आने पर वह लोकतांत्रिक तरीके से अपनी प्रतिक्रिया जरूर देगी।अपने संबोधन के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य का भी जिक्र किया और मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि रमज़ान जैसे पवित्र महीने में शांति और भाईचारे का संदेश सबसे महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में युद्ध जैसी घटनाएं मानवता के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही शांति स्थापित होगी और लोग सुरक्षित जीवन जी सकेंगे।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न समुदायों के लोगों की सहभागिता ने यह साबित किया कि चित्तरंजन जैसे औद्योगिक क्षेत्र में भी सामाजिक एकता की जड़ें काफी मजबूत हैं। आयोजन स्थल पर उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं और भविष्य में भी इसे जारी रखा जाना चाहिए।पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने हर छोटी बड़ी व्यवस्था पर बारीकी से नजर रखी, जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। अंत में सभी अतिथियों और रोज़ेदारों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया और भविष्य में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया।इस तरह चित्तरंजन में आयोजित यह इफ्तार पार्टी न केवल एक धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी प्रेम और भाईचारे का एक जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत किया, जिसने सभी के दिलों में एक सकारात्मक संदेश छोड़ दिया।
चित्तरंजन में रोज़ा इफ्तार का सामूहिक आयोजन, भाईचारे का संदेश गूंजा
