जामताड़ा। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिक विद्यालयों के साथ जोड़कर एकीकृत रूप से संचालित करने की प्रक्रिया को मजबूती देने के लिए बुधवार को उप विकास आयुक्त निरंजन कुमार की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि किराये के भवनों या जर्जर स्थिति में चल रहे सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का शिक्षा विभाग के जेई/एई, महिला पर्यवेक्षिका और सीडीपीओ की संयुक्त टीम द्वारा तुरंत सर्वे किया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट जिला समाज कल्याण कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि केंद्रों को सुरक्षित एवं उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू हो सके।
उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से को-लोकेशन कार्य पूरा करने के लिए माइक्रोप्लान तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही डीईओ को संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को इस प्रक्रिया में पूरी सहायता देने को कहा गया।
निर्देश के अनुसार शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी और विद्यालय की दूरी अधिकतम 500 मीटर तथा ग्रामीण क्षेत्र में 1 किलोमीटर होनी चाहिए। सर्वे के दौरान उन स्थानों पर विशेष टिप्पणी देने को कहा गया जहां बच्चों के आने–जाने में नदी, नाला, पहाड़ी या व्यस्त सड़क जैसी बाधाएँ हों।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेम्ब्रम, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ, सीडीपीओ, बीईईओ एवं महिला पर्यवेक्षिका सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
