कर्माटांड़। तरकोजोरी पंचायत में शनिवार को आयोजित जनता दरबार अचानक आक्रोश सभा में बदल गया, जब ग्रामीणों ने आवास योजना, आधार अपडेट और पंचायत में ठप पड़े विकास कार्यों पर जमकर नाराज़गी जताई। लोगों का कहना था कि महीनों से समस्याएँ उठाने के बाद भी न ऑनलाइन समाधान होता है और न ही ऑफलाइन। ग्रामीणों का आरोप—“अधिकारी सिर्फ कागज़ लेते हैं, कार्रवाई नहीं। बाद में वही कागज़ सड़क पर फेंका मिलता है।”अबूआ आवास योजना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जैनुल अंसारी, छोटू शेख, अब्दुल समद और मुर्शीद शेख ने कहा कि दो साल से फॉर्म जमा हैं, फिर भी पात्र परिवारों को लाभ नहीं मिला। ग्रामीणों का दावा है कि अब तक केवल 25 प्रतिशत लाभुकों को ही मंजूरी मिली है।मुखिया प्रतिनिधि शफाकत अंसारी ने भी मंच से सरकार पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि मैया सम्मान योजना और आवास दोनों में अनियमितता है। उन्होंने खुलासा किया कि पिछले 2 साल 2 महीने से पंचायत को न 15वां वित्त मिला है, न राज्य वित्त आयोग की राशि, जिससे विकास कार्य ठप पड़े हैं।वहीं सीओ ने जवाब देते हुए कहा कि सभी पुराने आवेदन पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं और प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। ग्रामीण अब ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा में हैं।
तरकोजोरी जनता दरबार में फूटा ग़ुस्सा: आवास, आधार अपडेट और लंबित योजनाओं पर ग्रामीणों का तीखा विरोध
