संवाददाता नाला (जामताड़ा)— नाला प्रखंड सभागार में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी ग्लोरिया एक्का के निर्देश पर आंगनवाड़ी सेविकाओं के लिए एक दिवसीय समर–सी–मैम प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में फील्ड मैनेजर तारीक अनवर ने सेविकाओं को समर–सी–मैम कार्यक्रम की संरचना, लक्ष्य और कार्यप्रणाली के साथ–साथ पोषण ट्रैकर ऐप के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि झारखंड राज्य पोषण मिशन के तहत शुरू हुआ यह कार्यक्रम सम/मैम श्रेणी के बच्चों की पहचान, निगरानी और सामुदायिक स्तर पर उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रशिक्षक ने सभी सेविकाओं के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल कर बच्चों के आंकड़ों की एंट्री, रिपोर्टिंग और फॉलो–अप की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
अनवर ने कहा कि सटीक डेटा संकलन से गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान तेज होगी और समय रहते आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सकेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि समर–सी–मैम महिलाओं को पोषण सुधार अभियान से जोड़ने और उद्यमिता को बढ़ावा देने की भी पहल है।
प्रशिक्षण में मंजू सोरेन, अनीता महतो, कल्पना मंडल, सोमा भुईं, बनलता पातर, रीता मंडल, सोमा माजी, फूलटुसी बाउरी, नीलम देवी, दुलीन सोरेन, बेबी मंडल, शिवानी हांसदा, कालोमुनि मुर्मू, शकुंतला मंडल, प्रभाती हेम्ब्रम, ललिता मंडल सहित कई सेविकाएं उपस्थित रहीं।
