जामताड़ा। त्रयोदस मां चंचला महोत्सव के पावन अवसर पर शुक्रवार को भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से ओतप्रोत भव्य कलशयात्रा निकाली गई। इस ऐतिहासिक कलशयात्रा में जिले के सभी प्रखंडों से हजारों की संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने सहभागिता की, जिससे पूरा शहर मां चंचला की भक्ति में सराबोर हो गया।सुबह होते ही मां चंचला मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं सिर पर कलश धारण कर कतारबद्ध होकर मां चंचला मंदिर से कलशयात्रा में शामिल हुईं। मंत्रोच्चार, शंखध्वनि, ढोल नगाड़ों और जयकारों के बीच कलशयात्रा ने पूरे शहर का भ्रमण किया। यात्रा मंदिर से निकलकर स्टेशन रोड, टावर चौक, सुभाष चौक होते हुए भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के समीप स्थित हनुमान मंदिर पहुंची।कलशयात्रा का मुख्य आकर्षण भव्य झांकी रही, जिसमें मां चंचला भव्य रूप में विराजमान थीं। झांकी को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। झांकी के पीछे मुख्य यजमान सह मां चंचला महोत्सव समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल स्वयं कलश लेकर पूरे श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ यात्रा के अग्रभाग में चलते नजर आए, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।हनुमान मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजन अर्चना के पश्चात कलशयात्रा पुनः बाजार क्षेत्र होते हुए मां चंचला मंदिर लौटी, जहां यात्रा का शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय समापन हुआ। इस दौरान मिहिजाम से मुकेश यादव एवं अरुण दास के नेतृत्व में भी हजारों की संख्या में महिलाओं ने कलशयात्रा में भाग लेकर आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन एवं आयोजन समिति की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरे कलशयात्रा मार्ग में चैंबर ऑफ कॉमर्स के अलावा विभिन्न संगठनों के द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शरबत, पानी का व्यवस्था किया गया था। कलशयात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का भी अनुपम संदेश दिया।
भक्ति और आस्था का महासंगम: जामताड़ा में त्रयोदस मां चंचला महोत्सव की भव्य कलशयात्रा
