संवाददाता, नाला (जामताड़ा)। देशव्यापी आह्वान के तहत भाकपा (माले) नाला प्रखंड कमेटी की ओर से केंद्र सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। नाला प्रखंड के घोलजोड़ मोड़ पर प्रखंड सचिव कॉमरेड सुशील मोहली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर बीबी जी राम जी योजना को खारिज करने की मांग की।
इस मौके पर भाकपा माले जिला सचिव सह राज्य कमेटी सदस्य कॉमरेड सुनील राणा ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ग्रामीण मजदूरों के लिए जीवनरेखा थी, जिससे गांवों में रोजगार मिलता था और पलायन पर रोक लगती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने साजिश के तहत मनरेगा को कमजोर कर चार लेबर कोड लागू कर मजदूरों के अधिकार छीनने का काम किया है।
प्रदर्शनकारियों ने चारों लेबर कोड को रद्द करने, मनरेगा में बजट बढ़ाने, 200 दिनों के रोजगार की गारंटी देने और न्यूनतम मजदूरी 600 रुपये प्रतिदिन तय करने की मांग की। प्रखंड सचिव सुशील मोहली ने संथाल परगना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्य सरकार से सीएनटी –एसपीटी कानून को सख्ती से लागू करने और सरना धर्म कोड को अविलंब लागू करने की मांग उठाई।
कार्यक्रम में कॉमरेड तपन हांसदा, रबिलाल टुडू, लखि हांसदा, सुशील मुर्मू, सांतो मंडल, बिरसिंह मरांडी, सुरज मुर्मू, बाबुधन बास्की, गुरुपद मिर्धा, सुरेश हांसदा, मुकेश मोहली, जयसिंह मुर्मू सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई।
मनरेगा के समर्थन में भाकपा माले का उग्र प्रदर्शन, नाला में प्रधानमंत्री का पुतला दहन
