जामताड़ा। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी की दो दिवसीय अहम बैठक शुक्रवार से जामताड़ा में शुरू हुई, जिसमें राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर गहन मंथन किया गया। बैठक में पिछली राज्य कमेटी बैठक के बाद झारखंड में घटित राजनीतिक घटनाक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई और आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति तय की गई।बैठक में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर विशेष चर्चा हुई। माकपा ने एक प्रस्ताव पारित कर मांग की कि सभी स्थानीय निकाय पदों पर चुनाव दलीय आधार पर तथा पार्टी चिन्ह के साथ कराए जाएं, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी हो सके। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित पेसा नियमावली, झारखंड में बढ़ते हाथी आतंक से ग्रामीणों को हो रही परेशानियों और भाजपा द्वारा चलाए जा रहे कथित नकारात्मक एजेंडे को जनता के बीच उजागर करने की रणनीति पर भी विचार विमर्श किया गया।बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता सुरजीत सिन्हा ने की, जबकि राज्य सचिव प्रकाश विप्लव सहित राज्य कमेटी के लगभग सभी सदस्य इसमें शामिल हुए। प्रमुख रूप से समीर दास, अमल आजाद, सुफल महतो, सुखनाथ लोहरा, मधुआ कश्यप, संजय पासवान, रामकृष्ण पासवान, रामबालक पासवान, लखन लाल मंडल, एहतेशाम अहमद, माया लायेक, शिवानी पाल और सुमना विकास ठाकुर की सक्रिय उपस्थिति रही।बैठक से पूर्व राज्य सचिव मंडल की बैठक आयोजित की गई, जिसमें 10 जनवरी को वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के विरोध में साम्राज्यवाद विरोधी प्रदर्शन आयोजित करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया। इस आंदोलन में राज्य कमेटी के सदस्य एवं स्थानीय कार्यकर्ता संयुक्त रूप से भाग लेंगे। दो दिवसीय बैठक की संपूर्ण व्यवस्था माकपा जिला कमेटी जामताड़ा द्वारा की गई है।
जामताड़ा में माकपा की रणनीतिक जुटान, दो दिवसीय राज्य कमेटी बैठक से तय हुई राजनीतिक दिशा
