जामताड़ा। संथाल परगना प्रमंडल में बढ़ती अवैध गतिविधियों और नशे के प्रसार को रोकने की मांग को लेकर भारत दिसोम आदिवासी संघ ने आयुक्त, संथाल परगना, दुमका को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रमंडल के विभिन्न आदिवासी गांवों में फुटबॉल टूर्नामेंट, नाइट जात्रा-ड्रामा, आर्केस्ट्रा, भैंस लड़ाई और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों के नाम पर नशा और असामाजिक कृत्यों को बढ़ावा मिल रहा है।ज्ञापन में कहा गया कि इन कार्यक्रमों के दौरान खुलेआम हाड़िया-दरू, अवैध शराब की बिक्री होती है और जुआ तक चल रहा है। महिलाओं की सुरक्षा का कोई इंतज़ाम न होने से उनके साथ अत्याचार, शोषण और अपराध की घटनाएँ भी सामने आती हैं। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाएँ ही शराब बेचने को मजबूर हैं, जिससे आदिवासी समाज नशे की चपेट में तेजी से फंसता जा रहा है।संगठन ने इसे आदिवासी संस्कृति को कमजोर करने की साजिश बताते हुए सभी अवैध गतिविधियों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि प्रशासन कार्रवाई नहीं करता, तो आदिवासी समुदाय व्यापक जन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।भारत दिसोम आदिवासी संघ ने 6 जिलों में 10-10 सदस्यीय टीमें बनाकर निगरानी शुरू कर दी है, जो गुप्त रूप से वीडियो जुटाकर स्थानीय प्रशासन को सौंपेंगी।
संथाल परगना में नशे और अवैध गतिविधियों पर रोक की मांग तेज, आदिवासी संगठन ने आयुक्त को सौंपी शिकायत
