चित्तरंजन। दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में विश्व सांस्कृतिक संरक्षण आयोग ने समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए चित्तरंजन (जिला पश्चिम बर्धमान, पश्चिम बंगाल) के युवा समाजसेवी डॉ. विनय कुमार को “भारत गौरव रतन सम्मान” के अंतर्गत डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया। यह उपलब्धि न सिर्फ पश्चिम बंगाल बल्कि मानवाधिकार एसोसिएशन के लिए भी गौरव का क्षण बन गई है।
साधारण परिवार में जन्मे विनय कुमार वर्तमान में चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना में कार्यरत हैं। वर्ष 2011 से मानवाधिकार एसोसिएशन से जुड़कर उन्होंने समाज सेवा की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। 14 वर्षों में वे जिला अध्यक्ष से लेकर झारखंड के जामताड़ा प्रभारी एवं अनुमंडल अध्यक्ष तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा चुके हैं।
समाज के प्रति उनकी निष्ठा, ईमानदारी और सतत सेवा ने उन्हें वह मुकाम दिलाया, जिससे अब वे गर्व से अपने नाम के साथ “डॉ. विनय कुमार” लिखने का अधिकार रखते हैं।
