मिहिजाम। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) अपने 47वें स्थापना दिवस को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए पूरी तरह से जुट गया है। संथाल परगना की धरती पर होने वाले इस महाआयोजन को लेकर संगठन ने जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। शहर की सड़कों, चौक-चौराहों और प्रवेश मार्गों पर झंडा-बैनर और भव्य तोरण द्वार लगाकर उत्सव का माहौल बना दिया गया है।झामुमो जामताड़ा जिला इकाई के जिला उपाध्यक्ष सह केंद्रीय कमेटी सदस्य प्रोफेसर कैलाश प्रसाद साव ने बताया कि 2 फरवरी को दुमका में विशाल जनसभा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि और हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंडी अस्मिता, आदिवासी-मूलवासी अधिकार और सामाजिक न्याय के संकल्प का प्रतीक है।संथाल परगना का प्रवेश द्वार मिहिजाम शहर पूरी तरह से झामुमो के रंग में रंगा नजर आ रहा है। स्टेशन चौक समेत प्रमुख स्थानों पर सजावट की गई है। इस दौरान कैलाश प्रसाद साव के साथ शेखर सिंह, सूरज रवानी, बंटी खान, ताजिर, राहुल सिंह, कुंदन शर्मा, सुरेंद्र साव, सुरेंद्र टुडू, महेंद्र टुडू, साबिर अहमद, कारू यादव, किंकर राय सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी ने युवाओं और महिलाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया है।
झामुमो के 47वें स्थापना दिवस पर संथाल परगना में जोश, मिहिजाम सजा तोरण-द्वार और झंडों से
