ईद मिलन समारोह में झलकी गंगा जमुनी तहजीब, एकता और भाईचारे का दिया गया संदेश

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी जामताड़ा। जामताड़ा शहर के कंबाइंड बिल्डिंग रोड स्थित एक निजी भवन में झामुमो अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष सगीर खान के नेतृत्व में भव्य ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल ईद की खुशियों को साझा करने का माध्यम बना, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता को मजबूत करने का संदेश भी देता नजर आया। कार्यक्रम में झामुमो के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई।कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से की गई, जहां उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों का अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि सह केंद्रीय कमेटी सदस्य अशोक मंडल, जिलाध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू, उपाध्यक्ष प्रो. कैलाश प्रसाद साव, प्रदीप मंडल, महेंद्र टुडू, सुरेंद्र टुडू, मेरी मरांडी, सुलेखा रॉय, माखोनी हेंब्रम, गुलशन आरा और इरशाद उल हक़ समेत कई गणमान्य लोग मंच पर उपस्थित रहे। सभी ने एक दूसरे को ईद की बधाई दी और गले मिलकर इस पावन पर्व की खुशियां साझा कीं।इस अवसर पर अपने संबोधन में सगीर खान ने कहा कि ईद का त्योहार केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, भाईचारे और आपसी प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में आपसी दूरी को खत्म करने और दिलों को जोड़ने का काम करते हैं। हमारा प्रयास है कि सभी समुदाय के लोग मिल जुलकर रहें और एक मजबूत समाज का निर्माण करें। आज का यह ईद मिलन समारोह उसी दिशा में एक छोटा सा कदम। सगीर खान ने आगे कहा कि झामुमो हमेशा से सामाजिक समरसता और सभी वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करता आया है और भविष्य में भी इसी भावना के साथ कार्य करता रहेगा।वहीं अशोक मंडल ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड की पहचान उसकी सांस्कृतिक विविधता और आपसी भाईचारे में निहित है। उन्होंने कहा कि ईद जैसे पर्व हमें एक दूसरे के करीब आने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का अवसर देते हैं। जब हम एक दूसरे के त्योहारों में शामिल होते हैं तो समाज में विश्वास और एकता की भावना और मजबूत होती है। झामुमो का मूल उद्देश्य भी यही है कि सभी वर्गों को साथ लेकर विकास की राह पर आगे बढ़ा जाए। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में एक अच्छा संदेश देते हैं और लोगों को जोड़ने का काम करते हैं।इरशाद उल हक़ ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ईद का असली संदेश शांति, प्रेम, भाईचारा और आपसी सहयोग है। उन्होंने कहा कि आज के समय में इस तरह के आयोजनों की जरूरत और भी अधिक है क्योंकि समाज में आपसी समझ और एकता को बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है। ईद हमें सिखाती है कि हमें अपने दिलों में नफरत के लिए कोई जगह नहीं रखनी चाहिए बल्कि प्रेम और इंसानियत को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वे समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए मिलकर काम करें।कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी अपने अपने विचार साझा किए और समाज में एकता एवं भाईचारे को बनाए रखने पर जोर दिया। सभी नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और लोगों को एक मंच पर लाने का काम करते हैं।कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच आपसी बातचीत और मेल मिलाप का माहौल देखने को मिला। सभी ने एक दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी संबंधों को और मजबूत किया। इस दौरान सांस्कृतिक सौहार्द की एक खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली जिसमें सभी समुदायों के लोग एक साथ नजर आए।समारोह का समापन सामूहिक भोज के साथ हुआ जहां सभी उपस्थित लोगों ने मिलकर ईद के पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। इस दौरान भी आपसी बातचीत और खुशियों का दौर जारी रहा। लोगों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाते हैं।कुल मिलाकर यह ईद मिलन समारोह न केवल एक सफल आयोजन रहा बल्कि समाज में एकता, प्रेम और सौहार्द का मजबूत संदेश भी देने में कामयाब रहा।

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