मिहिजाम। झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी रविवार को जामताड़ा जिले के सहरडाल पर्वतपाड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने आदिवासी समाज के पावन छठियार कराम अनुष्ठान में सहभागिता कर स्थानीय लोगों का मन मोह लिया। आसपास के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों परिवारों की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को लोकपर्व का रूप दे दिया।मंत्री के स्वागत में पारंपरिक परिधान, मांदर और ढोल की थाप के साथ आदिवासी रीति-रिवाजों का जीवंत प्रदर्शन हुआ। वे ग्रामीणों के साथ कदम से कदम मिलाकर पदयात्रा में शामिल हुए और अनुष्ठानिक प्रक्रिया के तहत तालाब तक पैदल पहुंचे। रास्ते भर लोकगीतों और सामूहिक उत्साह का वातावरण बना रहा।अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि छठियार कराम केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सामुदायिक एकजुटता का प्रतीक है, जहां पूरा गांव बच्चों के सामूहिक संस्कार में सहभागी बनकर सामाजिक बंधन को मजबूत करता है। उन्होंने आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रतिबद्धता दोहराई।ग्रामीणों ने भी मंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वे हर सामाजिक अवसर पर उपस्थित रहकर जनप्रतिनिधि की सच्ची भूमिका निभाते हैं।इस अवसर पर राजनीतिक सलाहकार निशापति हांसदा, सिद्धू-कान्हू संगठन के सचिव कुद्दुस अंसारी, जयराम हांसदा, ग्राम मांझी हड़ाम सुबोध हेंब्रम, योग मांझी शिवलाल टुडू, वार्ड पार्षद सुबोध हेंब्रम, कालिदासी मुर्मू, सनातन सोरेन और रामलाल किस्कू समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम सौहार्द और सामाजिक एकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
छठियार कराम में शामिल हुए स्वास्थ्य मंत्री, सहरडाल में दिखी परंपरा और जनविश्वास की अनूठी झलक
