कुंडहित (जामताड़ा): ग्रामीण दुर्गम इलाके के इन्दपहाड़ी गांव के आदिवासी किसान नंदलाल मुर्मू ने साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर कोई भी अपनी किस्मत बदल सकता है। बिना औपचारिक शिक्षा के नंदलाल मुर्मू ने चार एकड़ बंजर जमीन को उपजाऊ बनाकर बैंगन, मिर्चाई, गोभी और मुली की खेती से महीनों में लाखों रुपये की कमाई शुरू कर दी है।
नंदलाल हर तीन दिन में लगभग एक क्विंटल बैंगन की तुड़ाई कर रहे हैं, जिससे प्रतिदिन 5 से 6 हजार रुपये की आय हो रही है। मुली और अन्य सब्जियों से अलग आय मिल रही है। उन्होंने बताया कि उन्होंने डेढ़ एकड़ जमीन मात्र 8,000 रुपये वार्षिक लीज पर लेकर खेती शुरू की और अब बैंगन के 1,500 पौधे उनकी आय का बड़ा स्रोत बन चुके हैं।
परेशानी यह कि अब तक उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला। सिंचाई के लिए डीप बोरिंग और सोलर सेट की मांग कई बार करने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला है। उनकी सफलता से आसपास के किसानों में भी प्रेरणा जगी है। बीटीएम सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि कृषि विभाग नंदलाल को उपलब्ध योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू करेगा। नंदलाल अपनी खेती से ही पूरे परिवार—माता-पिता, विधवा बहन और तीन बच्चों—का भरण-पोषण तथा बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं। उनकी कहानी क्षेत्र के किसानों के लिए मिसाल बन गई है।
